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केवल संसाधन जुटाने तक सीमित, आमजन की पीड़ा का नहीं ध्यान

सरकारी अस्पताल की सोनोग्राफी व्यवस्था बदहाल, निजी सेंटर्स को फायदाकेवल संसाधन जुटाने तक सीमित, आमजन की पीड़ा का नहीं ध्यान   अलवर. चिकित्सा विभाग केवल संसाधन जुटाने को ही आमजन की सेवा समझ रहा है। यही कारण है कि सरकारी अस्पताल की सोनोग्राफी व्यवस्था बदहाल है, फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालात यह है कि गर्भवती महिलाओं तक को सोनोग्राफी के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन भी आमजन की समस्याओं से जानबूझकर अनभिग्यता दिखा रहा है।  

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अलवर

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jitendra kumar

Apr 27, 2023

केवल संसाधन जुटाने तक सीमित, आमजन की पीड़ा का नहीं ध्यान

केवल संसाधन जुटाने तक सीमित, आमजन की पीड़ा का नहीं ध्यान

जिला मुख्यालय पर ही सरकारी अव्यवस्था : सामान्य व जनाना अस्पताल में कुल 4 सोनोग्राफी मशीन हैं। इसमें से 2 नई अत्याधुनिक मशीन करीब 2 महीने पहले लगाई गई थी, जो अभी कमरे में बंद हैं। वहीं सामान्य व जनाना अस्पताल की सोनोग्राफी भी केवल 2 चिकित्सकों के भरोसे हो रही है। यही नहीं 2 में से भी एक चिकित्सक महीने में करीब 15 दिन कोर्ट एविडेंस पर रहते हैं। इसके कारण आमजन को सोनोग्राफी के लिए मजबूरन निजी सेंटर्स पर जाना पड़ता है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है। जानकारी के अनुसार जनाना अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली अधिकांश महिलाओं को चिकित्सक सोनोग्राफी का परामर्श देते हैं, लेकिन अस्पताल में सोनोग्राफी व्यवस्था सुचारू नहीं होने उन्हें परेशान होना पड़ता है। वहीं जिला मुख्यालय पर स्थित काला कुआं सेटेलाइट अस्पताल की भी यही हालत है। यहां कुछ महीने पहले करीब 20-22 लाख रुपए की कीमत से अत्याधुनिक सोनोग्राफी मशीन लगाई गई, जो अभी तक कमरे में बंद है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं तक को सोनोग्राफी के लिए बाहर धक्के खाने पड़ते हैं। खासबात यह भी है कि सरकारी अस्पताल की बहदाल सोनोग्राफी व्यवस्था को लेकर विभाग की ओर से हर बार रेडियोलोजिस्ट की कमी का रटारटाया जवाब देकर अपने कत्वर्य से इतिश्री कर ली जाती है। दूसरी ओर से दोनों सरकारी अस्पतालों के आसपास कई सोनोग्राफी सेंटर्स संचालित है, जिनमें रेडियालोजिस्ट की पर्याप्त उपलब्धता है।

सामान्य अस्पताल में बुधवार को 75 व जनाना अस्पताल में 41 सोनोग्राफी कराई गई। यहां कार्यरत 2 चिकित्सकों में से एक के कोर्ट एवीडेंस या अवकाश पर रहने पर जनाना अस्पताल से गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए सामान्य अस्पताल बुलाया जाता है। अभी नई मशीनों पर भी स्टॉफ की कोई व्यवस्था नहीं है।

-डॉ. श्रीराम कडवासरा, प्रभारी, रेडियालोजी विभाग, सामान्य अस्पताल।

अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट, सोनोलोजिस्ट नहीं होने से आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को भी मजबूरी में बाहर से सोनोग्राफी करानी पड़ती है। ऐसे में शारीरिक शारीरिक पीड़ा के साथ ही आर्थिक भार भी वहन करना पड़ता है। इसके लिए विभाग व प्रशासन के उच्च अधिकारियों व मंत्री स्तर तक भी प्रयास किए जा चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया।

- डॉ. जीएस राठौड़, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, सेटलाइट अस्पताल, काला कुआं।