
भगवान जगन्नाथ का 108 कलश और पंचामृत अभिषेक
राजगढ़. कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित जगदीश जी के मंदिर में रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 108 कलशों एवं पंचामृत के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए एकांतवास ( गर्भगृह) में चले गए। इसके बाद ठीक 16वें दिन आषाढ़ शुक्ला प्रतिप्रदा के दिन 19 जून को होने वाले रथ यात्रा में पुन: भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। महन्त पूरणदास एवं मदनमोहन शास्त्री ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान जगन्नाथजी महाराज को स्नान के बाद गर्भ गृह मे प्रवेश करा दिया गया। गर्भ गृह मे प्रतिदिन भगवान जगन्नाथ जी की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। अब 19 जून को गर्भ गृह से निकलकर भगवान अपने भक्तो को दर्शन देंगे। इसी दिन प्रात: नौ बजे भगवान जगन्नाथ जी महाराज का नेत्रोत्सव का कार्यक्रम होगा। सायं 6 बजे जानकी मैया कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर से गाजे-बाजे के साथ गंगा बाग के मेला स्थल पहुंचेगी। जहां मन्दिर मेें साफ-सफाई तथा गणेश जी महाराज का पूजन का कार्यक्रम होगा। इसके बाद जानकी मैय्या वापिस चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर लौट आएगी। शास्त्री ने बताया कि 20 जून को सायं साढे आठ बजे कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर से रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ माता जानकी को ब्याहने के लिए गंगाबाग प्रस्थान करेंगे। इसी के साथ ही गंगाबाग मे सात दिवसीय मेला का आगाज होगा। इस दौरान 21 से 23 जून को भर मेला, 24 जून को वरमाला महोत्सव, 27 जून को भगवान जगन्नाथ माता जानकी संग विवाह रचाकर वापस चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर लौट आएंगे।
Published on:
04 Jun 2023 06:55 pm
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