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अलवर में रसोई गैस का हाहाकार: बुकिंग 31 हजार और स्टॉक मात्र 19 हजार, एजेंसियों पर पुलिस तैनात

एलपीजी गैस की किल्लत ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। जिले में हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है।

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शहर में एक गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतार (फोटो - पत्रिका)

राजस्थान के अलवर जिले में एलपीजी गैस की किल्लत ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। जिले में हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी रोष है।

मांग ज्यादा, सप्लाई कम

प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों ने गैस संकट की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। जिले में इस समय घरेलू गैस सिलेंडरों का कुल स्टॉक 19,381 है, जबकि उपभोक्ताओं की ओर से की गई बुकिंग का आंकड़ा 31,000 के पार पहुंच चुका है। लगभग 12 हजार सिलेंडरों का यह अंतर ही इस मारामारी की मुख्य वजह बना हुआ है।

पुलिस के साये में गैस वितरण

गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। कई क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसी पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात संभालने के लिए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। अलवर शहर में मालवीय नगर, एनईबी, स्कीम नंबर 10 और अलकापुरी समेत 13 प्रमुख गैस एजेंसियों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो राजगढ़ में भी लोगों ने गैस सिलेंडर के लिए सड़क जाम की थी। इसके अलावा कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि उनकी पुरानी बुकिंग का रिकॉर्ड ही सिस्टम से गायब कर दिया गया है। वहीं कुछ का कहना है कि उनकी पर्ची पर डिलीवरी की तारीख हर दिन आगे बढ़ा दी जाती है।

व्यापारियों को राहत: कमर्शियल सप्लाई शुरू

घरेलू गैस की किल्लत के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि रसद विभाग ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। जिला नोडल अधिकारी को आदेश मिलने के बाद अब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिलेंडर मिल सकेंगे। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि कमर्शियल उपयोग के लिए घरेलू सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगेगी।

जनता का फूटा गुस्सा

गैस एजेंसियों पर मौजूद ग्राहकों का कहना है कि प्रशासन और एजेंसी संचालक उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का डर दिखा रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया, हम अपनी बुकिंग का हक मांग रहे हैं, लेकिन हमें घंटों लाइन में खड़ा रखने के बाद खाली हाथ लौटा दिया जाता है। फिलहाल, रसद विभाग सप्लाई चैन को दुरुस्त करने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल पर उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

कमर्शियल गैस सप्लाई के निर्देश जिला नोडल अधिकारी को दे दिए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में कहीं भी गैस सिलेंडरों की कमी नहीं है। हमारे पास गैस का पर्याप्त स्टॉक है और आपूर्ति भी आसानी से हो रही है। लोग धैर्य बनाए रखें। घरों पर ही सिलेंडर पहुंचेंगे। घबराकर एजेंसी पर न आएं। अफवाहों पर ध्यान न दें - विनोद जुनेजा, डीएसओ