
फर्जी IAS' निशांत कुमार, फोटो सोर्स: सोशल मीडिया
Alwar News: बानसूर क्षेत्र में एक युवक ने खुद को UPSC में चयनित बताकर अपने गांव में जमकर जश्न मनाया। यहीं नहीं युवक की कथित सफलता की खबर सुनकर दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी बधाई देने उसके घर जा पहुंचे। क्षेत्र के नांगल भाव सिंह गांव निवासी निशांत कुमार ने दावा किया था कि उसने सिविल सेवा परीक्षा में 899वीं रैंक हासिल की है, लेकिन एडमिट कार्ड स्कैन करने पर उसका यह दावा पूरी तरह झूठ निकला। अब युवक को बधाई देने वाले लोग ही बगले झांक रहे हैं।
यूपीएससी का बीते 6 मार्च को जब रिजल्ट जारी हुआ तो निशांत के घर पर जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने निशांत को कंधों पर बिठाकर जुलूस निकाला और ढोल-नगाड़ों के साथ गांव में घुमाया। पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुन्तला रावत समेत कई जनप्रतिनिधि उसे बधाई देने उसके घर जा पहुंचे। सार्वजनिक मंच से निशांत ने अपनी 'फर्जी' संघर्ष की कहानी सुनाकर सबको भावविभोर कर डाला।
निशांत ने एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर खुद को असली उम्मीदवार दिखाने की करतूत बड़ी सफाई से की थी। उसने एक जैसे नाम का फायदा उठाकर आगरा के वास्तविक उम्मीदवार की 899वीं रैंक को अपना बता दिया। लेकिन पोल तब खुली जब किसी ने एडमिट कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन कर लिया। स्कैन करते ही जो जानकारी स्क्रीन पर आई,उसने निशांत के दावों की पोल खोलकर रख दी।
जिस रोल नंबर पर निशांत दावा कर रहा था, उसका असली हकदार आगरा का रहने वाला है। UPSC की सफल उम्मीदवारों की सूची में निशांत का नाम कहीं नहीं मिला। जांच में पता चला कि युवक ने केवल प्रारंभिक परीक्षा दी थी, लेकिन वह मुख्य सूची में जगह बनाने में असफल रहा था। अब इस मामले के बाद सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के इस मामले में आरोपी पर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
गांव में आयोजित सम्मान समारोह में निशांत ने अपनी कथित सफलता का श्रेय अपने परिवार, मित्रगण और गांववालों को दिया। उसने कहा कि मैंने तैयारी यू-ट्यूब जैसे ऑनलाइन माध्यम से की। उसके बाद एक कोचिंग सेंटर का नाम लिया और कहा कि करंट अफेयर और इंटरव्यू की तैयारी मैंने संबंधित कोचिंग सेंटर ली की थी।
Updated on:
18 Mar 2026 11:41 am
Published on:
18 Mar 2026 11:39 am
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