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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आए थे अलवर लेकिन लोगों से नहीं मिले, जानिए क्या थी वजह

अलवर. महात्मा गांधी एक बार अलवर आए थे लेकिन वह लोगों से मिल नहीं पाए। इतिहासकार हरिशंकर गोयल ने बताया कि महात्मां गांधी जी ट्रेन से 14 मार्च.1939 को अलवर होकर निकल रहे हैं, इसकी जानकारी मिलते ही, अलवर के लोग इकटठे होकर उनका स्वागत करना चाहते थे। पर वो इस ट्रेन से नहीं आए।

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी अलवर आए लेकिन लोगों से नहीं मिले, जानिए क्या है वजह

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी अलवर आए लेकिन लोगों से नहीं मिले, जानिए क्या है वजह

रामजीलाल पूर्व सी. आई. डी कर्मचारी जो प्रजामण्डल से जुड़े हुए भी थे ने फ्लैग सैल्यूट (सलामी) प्लैटफार्म पर दिया। महात्मा गाँधी 15 मार्च 1939 को थ्री अप ट्रेन देहली से अहमदाबाद जाते हुए अलवर से गुजरे। रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ रही। सभी गांधी जी से मिलना चाहते थे लेकिन गांधी जी के निजी सचिव ने गांधी जी से दर्शन देने से मना किया क्योंकि गाँधी जी हारे थके रात्रि में सो रहे थे।

लेकिन इसके बाद भी पूर्व कांग्रेसी नेता एवं पूर्व नाजिम सालिग राम, अब्दुल गफ्फार जमाली, सुशीलादेवी त्रिपाठी, मास्टर भोलानाथ आदि धक्का-मुक्की कर गांधी जी वाले डिब्बे में चढ गए और सोए हुऐ गांधी जी के चरणों में फूल मालाएं पुष्पहार चढ़ाकर प्रणाम किया। गांधी जी के निजी सचिव ने विश्वास दिलाया कि 18 मार्च 1939 को वापसी यात्रा पर थ्री अप टे्रन में गाँधी जी आप लोगों से मिलेंगे। किन्तु गांधी जी फिर 18 मार्च 39 को वापसी पर अलवर से नहीं गुजरे और दूसरे रास्ते से चले गए। इस प्रकार अलवर स्टेशन से दुबारा गांधी जी नहीं गुजर पाए।