
कृषि उपज मंडी में लगे सरसों के ढेर (फोटो-पत्रिका)
अलवर। क्षेत्र में इस बार सरसों की अच्छी पैदावार और बेहतर बाजार भाव के चलते गोविंदगढ़ कृषि उपज मंडी में इन दिनों रौनक बढ़ गई है। मंडी में प्रतिदिन करीब 5000 कट्टे सरसों की आवक हो रही है। सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ जाती है और मंडी परिसर में दिनभर खरीद-फरोख्त का माहौल बना रहता है।
इस बार लैब जांच में 42 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों करीब 6300 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक के भाव में बिक रही है, जो कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी अधिक है।
कृषि उपज मंडी से जुड़े व्यापारी मयंक गर्ग ने बताया कि पिछले वर्ष इसी गुणवत्ता की सरसों करीब 5800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी थी। बेहतर भाव मिलने से किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहने से सरसों की फसल अच्छी हुई है। मंडी में मिल रहे भाव से किसानों को राहत मिली है। आसपास के कई गांवों के किसान भी बेहतर दाम की उम्मीद में गोविंदगढ़ मंडी में अपनी सरसों की उपज लेकर पहुंच रहे हैं।
सरसों की बढ़ती आवक से मंडी में व्यापार भी तेज हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार सरसों की गुणवत्ता अच्छी आ रही है और खरीद भी तेजी से हो रही है। मंडी शुल्क के रूप में सरकार को भी अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा है। मंडी में बढ़ी गतिविधियों का फायदा मजदूर वर्ग को भी मिल रहा है। हमाली और ढुलाई का काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि सरसों की ज्यादा आवक के कारण उन्हें लगातार काम मिल रहा है। ट्रॉलियों से कट्टे उतारने, तौल कराने और गोदाम तक पहुंचाने जैसे कार्यों में मजदूरों की व्यस्तता बढ़ गई है, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है।
कृषि क्षेत्र के जानकारों के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में सरसों का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहा है, जिसके कारण आने वाले दिनों में मंडी में आवक और बढ़ने की संभावना है। अच्छे भाव मिलने से किसान उत्साह के साथ अपनी उपज मंडी में ला रहे हैं। कबूल खटाना आदि किसानों का कहना है कि इस बार सरसों की पैदावार अच्छी हुई है और मंडी में मिल रहे भाव से उन्हें संतोष हैं। किसानों को खेती की लागत निकालने में राहत मिलेगी।
रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए राजस्थान में सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले सीजन से तुलना की जाए तो इसमें बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, किसानों के लिए सरसों की सरकारी खरीद 10 अप्रैल, 2025 से शुरू होगी। पंजीकरण 1 अप्रैल से ई-मित्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। इससे पहले ही एमएसपी से अधिक मूल्य मिलने पर किसान अपनी उपज को बिक्री कर रहे हैं।
Published on:
05 Mar 2026 06:15 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
