
सरकारी स्कूलों के साढ़े तीन लाख बच्चों को मिलेगा पाउडर वाला दूध
सरकारी विद्यालयों के कक्षा पहली से आठवीं तक के साढ़े तीन लाख विद्यार्थियों को एक बार फिर से दूध पिलाया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना का नाम बदल दिया गया है। अब इसे बाल गोपाल योजना के नाम से जाना जाएगा। इस बार दूध भी पाउडर वाला पिलाया जाएगा। इस योजना की अभी तैयारी चल रही है। स्कूलों में दूध पाउडर पहुंचने के बाद इसे शुरू किया जाएगा।जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक नेकी राम ने बताया कि बच्चों को स्कूलों में रोजाना की बजाए सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को पाउडर से बना दूध मिलेगा।पूर्व में स्कूलों के लिए सरस डेयरी व दूधियों से खरीदा जाता था।इस बार दूध पाउडर की आपूर्ति राजस्थान कॉपरेटिस डेयरी फैडरेशन लिमिटेड की ओर से की जाएगी।
इतना दिया जाएगा दूध प्रति बालककक्षा एक से पांच तक- तैयार दूध 150 मिमी, चीनी 8.4 ग्राम
कक्षा पांच से आठवीं तक- तैयार दूध 200 मिमी, चीनी 10 ग्राम
इतना मिलेगा खर्चाएक किलो दूध पाउडर का भुगतान 400 रुपए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बालगोपाल योजना में बच्चों को दिए जाने वाले दूध को गर्म करने के लिए 1500 रुपए प्रतिमाह ईंधन खर्च तथा 500 रुपए प्रतिमाह दूध गर्म करने, बच्चों को देने तथा बर्तनों की साफ-सफाई के लिए एक सहायक को प्रदान किए जाएंगे। दूध को गर्म करने के लिए भगोने, स्टील की टोंटी लगी टंकी, गिलासों आदि के लिए अलग से बजट दिया जाएगा। ये बजट उन्हीं स्कूलों को दिया जाएगा, जो स्कूल, मदरसे आदि इसकी मांग करेंगे।
15 ग्राम पाउडर दूध से बनेगा 150 एमएल दूध-मिड डे मील आयुक्त की ओर से जारी किए गए गाइड लाइन के अनुसार कॉऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की ओर से स्कूलों में पाउडर दूध पहुंचाया जाएगा। पहली से पांचवीं तक के बच्चों को 150 एमएल दूध, छठी से आठवीं तक के बच्चों को 200 एमएल दूध बनाकर दिया जाएगा। दूध में चीनी की मात्रा भी सरकार ने निर्धारित कर दी है। चीनी का 45 रुपए किलो के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं के 66 बच्चों पर 1 किलो पाउडर दूध तथा उच्च प्राथमिक कक्षाओं के 50 बच्चों के लिए 1 किलो पाउडर दूध की जरूरत होगी।
Published on:
06 Jul 2022 10:22 pm
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