
अलवर में अवैध खनन से करोड़ों टन खनिज निकला, लेकिन फिर भी नहीं हो रही है कोई कार्रवाई
अलवर. अवैध खनन ने अलवर जिले में अरावली पर्वतमाला को छलनी कर 5 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा खनिज पदार्थ निकाल लिया, फिर भी सरकारी खाते में अवैध खनन को लेकर अलवर पाक साफ है।
जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले दिनों सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) अवैध खनन एवं अवैध क्रशर के संचालन के निरीक्षण को आई। खास बात यह रही कि दो दिवसीय दौरे में कमेटी को राजस्थान व हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं भी अवैध खनन व अवैध क्रशर का संचालन नहीं मिला। सरकार के पाक साफ दिखने का यह पहला मौका नहीं था, बल्कि पूर्व में भी सीईसी के दौरे में कुछ इसी तरह के हालात मिले जबकि पहाड़ छलनी हो रहे हैं।
जिले में वैध व अवैध खनन का गणित
जिले में करीब 232 खानें चालू हैं, इनमें भी करीब 100 खाने मार्बल की हैं। वहीं जिले में अवैध खनन का आंकलन ही नहीं है। इन दिनों हरियाणा से सटे भिवाड़ी, तिजारा, किशनगढ़बास, खैरथल, अलवर, मुण्डावर, बहरोड़, रामगढ़, मालाखेड़ा, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, कठूमर सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन दिखाई पड़ता है। यहां पूर्व में कई बार कार्रवाई कर अवैध खनन का पत्थर व अन्य खनिज पकड़ा भी जा चुका है। इनमें ज्यादातर पहाड़ राजस्व विभाग के है, वहीं कई पहाड़ी क्षेत्र वन विभाग के अधीन भी हैं।
अवैध खनन से जिले की अरावली पर्वतमाला तो छलनी होकर कुरूप हो गई, वहीं सरकार को भी करोड़ों रुपए के राजस्व से हाथ धोना पड़ा। प्रशासन की ओर से पूर्व में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश रिपोर्ट के मुताबिक अलवर जिले को अवैध खनन से 430.80 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं अरावली की पहाडिय़ों से 5 करोड़ 22 लाख 83 हजार 390 मीट्रिक टन खनिज अवैध खनन कर निकाला गया।
350 से ज्यादा क्रेशर, निरीक्षण में बंद मिले
हरियाणा की सीमा में 379 क्रशरों को चिह्नित किया गया है, जिन पर अलवर जिले में अवैध खनन कर खनिज ले जाता रहा है। खास बात यह रही कि सीईसी की टीम के निरीक्षण के दौरान क्रशरों का संचालन बंद मिला जबकि निरीक्षण इसी बात को लेकर था कि जिले की अवैध खनन की खपत हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगे क्रशरों पर किस तरह हो रही है।
नुकसान की भरपाई हरियाणा से
एनजीटी के आदेश अनुसार अवैध खनन से अलवर जिले में हुए नुकसान की भरपाई हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में चिह्नित क्रशरों से करनी है। एनजीटी के आदेश के बावजूद अब तक एेसे क्रशरों से नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है।
Published on:
13 Jul 2018 11:12 am
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