
अलवर है लघु उद्योग का हब, यहां 6 लाख लोगों को मिलता है रोजगार, मिनरल, प्लास्टिक से लेकर ऑटोमोबाइल का उत्पादन
अलवर. देश की जीडीपी में लघु उद्योगों की अहम भूमिका हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण तो होता ही है, बल्कि यह बड़े स्तर पर रोजगार का भी सृजन कर रहे हैं। अलवर जिला भी एमएसएमइ (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) का हब है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार जिले में एमएसएमइ के तहत करीब 20 हजार से अधिक लघु उद्योग संचालित हैं जो 6 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
जिले में मुख्यतः तेल मील, खाद्य पदार्थ, खनिज, ऑटोमोबाइल, प्लास्टिक, रसायन आदि उद्योग संचालित हैं, जिनमें से मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र, भिवाड़ी और नीमराणा में संचालित उद्योगों में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। जिले में बनने वाले कुल उत्पादों का 45 प्रतिशत सूक्ष्म व लघु उद्योगों में निर्मित होता हैं, वहीं कुल एक्सपोर्ट का 40 प्रतिशत भी इन लधु, सूक्ष्म व माध्यम उद्योगों के माध्यम से होता है।
युवाओं का स्टार्टअप के प्रति रुझान
लॉक डाउन में जिले के कई छोटे-बड़े उद्योगों पर प्रभाव पड़ा है। कई उद्योग बंद भी हो गए हैं। विषेशज्ञों का मानना है कि वे पूरी तरह से बाजार पर निर्भर थे। अब एमएसएमइ इन उधमियों को व्यापारिक रणनीतियां समझा रही हैं। कोरोना काल में नौकरी गंवा चुके युवा व अन्य वर्ग के लोग स्टार्टअप शुरू करने के लिए आगे आ रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र में एमएसएमइ के पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उद्योग शुरू करने के लिए 55 आवेदन मिले हैं। वहीं मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना में 16 आवेदन मिले हैं। इनमें से कइयों ने 1 करोड़ से 10 करोड़ के ऋण के लिए आवेदन किया है।
एमएसएमइ की योजनाओं से स्टार्टअप शुरू करने के अवसर
एमएसएमइ के तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के माध्यम से स्टार्टअप शुरू करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना में 10 करोड़ तक का ऋण ले सकते हैं। इसमें 8 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 15 लाख तक के ऋण पर भी श्रेणीवार 35, 25 और 15 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। एमएसएमइ की ओर से युवाओं के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनकी जानकारी उद्योग विभाग की ओर से दी जाती है।
वर्जन- योजनाओं का लाभ लें
अलवर जिला उद्योग हब है, एमएसएमइ व राज्य सरकार की ओर से उद्योग शुरू करने को लेकर विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, लोग इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार शुरू करने के साथ इसका सृजन भी कर सकते हैं।
गणेश शर्मा, सहायक निदेशक, जिला उद्योग केंद्र
जिले में संचालित उद्योग
मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र अलवर- 225
पुराना औद्योगिक क्षेत्र अलवर - 35
भिवाड़ी आरआइए प्रथम- 235
भिवाड़ी आरआइए द्वितीय- 256
बहरोड़-नीमराणा- 147
Published on:
01 Sept 2020 03:02 pm
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