
नगर निगम को मिल सकता है 110 करोड़ का बजट
कांग्रेस सरकार ने नगर परिषद को उच्चीकृत करके नगर निगम को बनाया लेकिन इसके विकास के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं किया। एक्सपर्ट कहते हैं कि नगर निगम के विकास के लिए प्रदेश के कुछ नगर निगम को सरकार की ओर से 110 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। ऐसे में यहां भी नई सरकार कर सकती है। इसके अलावा यहां अफसरों से लेकर कर्मचारियों के करीब 200 पदों पर भर्तियां होनी हैं। ये भी सरकार कर सकती है।
ये है स्टाफ स्ट्रैक्चर
नगर निगम का स्ट्रैक्चर कमेटी ने तैयार किया। इसमें एक कमिश्नर (आईएएस) होगा। बाकी दो उपायुक्त यहां तैनात होंगे, जो आरएएस होंगे। इनके अलावा मुख्य कर निरीक्षण, मुख्य अतिक्रमण अधिकारी, मुख्य अभियंता, 3 एक्सईएन के अलावा सहायक अभियंता, जूनियर अभियंताओं के अलावा कर्मचारियों की बड़ी संख्या शामिल है। नगर परिषद के स्टाफ से करीब 200 लोगों का स्ट्राफ स्ट्रैक्चर अधिक बनाया गया था। इसको सरकार की मंजूरी मिल गई थी। इसी बीच चुनाव आ गए। अब नई सरकार नगर निगम का कल्याण करेगी। यानी विकास के लिए पैसे आदि देगी।
इस तरह परिसीमन पर हो सकता है काम
जानकारों का कहना है कि नगर निगम की अगली बोर्ड बैठक जब भी होगी उसमें परिसीमन हो लेकर चर्चा हो सकती है। बताया जा रहा है कि नगर विधानसभा में आसपास के एरिया भी आ सकता है। हालांकि पेंच ये भी फंसा है कि नए जिलों के बनने के बाद अब परिसीमन 2026 में भी होगा। उसी दौरान भी इस प्रस्ताव को लाया जा सकता है। यदि पहले परिसीमन होगा तो शहर विधानसभा को पूरा हिस्सा नगर निगम की सीमा में आ सकता है। एक्सपर्ट धर्मेंद्र शर्मा कहते हैं कि नगर निगम को खुद के आय के साधन तैयार करने होंगे। सरकार पर अधिक निर्भरता नहीं होनी चाहिए।
Published on:
05 Dec 2023 11:52 am

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