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इंटीग्रेटेड B.Ed Course होगा बंद, 2025-26 में नहीं होंगे एडमिशन!

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से संचालित चार वर्षीय बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम बंद होने जा रहा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा।

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अलवर

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Akshita Deora

Apr 08, 2024

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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से संचालित चार वर्षीय बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम बंद होने जा रहा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा। हालांकि इन कोर्स में 2024-25 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रहेगी, ताकि विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं हो। इसके स्थान पर नया एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) लागू किया जाएगा। अलवर के राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 67 इंटीग्रेटेड कॉलेज संचालित हैं। इन कॉलेजों में अभी हजारों की संख्या में विद्यार्थी बीएड कर रहे हैं। इस संबंध में 15 मार्च को आदेश जारी किए गए हैं।

31 मई तक निजी बीएड संस्थान कर सकेंगे ऑनलाइन
एनसीटीई की ओर से जिले में इंटीग्रेटेड और डिग्री कॉलेजों को 1 अप्रेल से 31 मई तक नए कोर्स लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। वर्तमान में संचालित निजी बीएड कॉलेज मान्यता लेने के लिए तैयारी कर रही हैं। कई कॉलेजों ने इसके लिए आवेदन किए गए हैं और बहुत से तैयारी कर रहे हैं। वहीं, शिक्षाविद सतवीर यादव ने बताया कि आईटीईपी में सेमेस्टर सिस्टम भी लागू होगा। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यह बदलाव किया है। केंद्र सरकार अब नई शिक्षा नीति के तहत नए शिक्षक तैयार करेगी।
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बीच में छोड़ा कोर्स तो साल खराब नहीं होगी
आईटीईपी कोर्स में अब विद्यार्थियों की डिग्री खत्म नहीं होगी। अब तक ये रहता था कि कोई विद्यार्थी अगर मध्य में छोडकर बीएड को चला जाता था तो उसको कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं दिया जाता था, लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत अब अगले साल से बीएड करने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज छोडकर जाने के बाद भी कॉलेज के द्वार खुल रहेगें यानि जब भी विद्यार्थी दोबारा बीएड करने के लिए आएगा तो जहां से छोडा है वहीं से शुरू होगा। समय खराब नहीं होगा। वहीं, एक व दो साल के लिए डिप्लोमा और 3 और 4 साल के लिए डिग्री डिप्लोमा दिया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को मल्टीपल कोर्स लेने का भी मौका मिलेगा।
अनिता सोनी, निजी बीएड कॉलेज प्राचार्य, अलवर