25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Boxing में Gold Medal जीतने वाली Nikhat Zareen के कोच हैं राजस्थान के गिरीश शर्मा, भारतीय टीम को सिखाए विशेष गुर

देश की झोली में मैडल दिलाने में अलवर के बॉक्सर गिरीश शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। महिला विश्व चैंपियनशिप के लिए गिरीश भारतीय टीम के कोच थे।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Lubhavan Joshi

May 26, 2022

Nikat Zareen Gold Medal Latest News Update

Boxing में Gold Medal जीतने वाली Nikhat Zareen के कोच हैं राजस्थान के गिरीश शर्मा, भारतीय टीम को सिखाए विशेष गुर

अलवर. भारतीय महिला मुक्केबाजों ने तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित महिला विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। 52 किग्रा वर्ग में निखत जरीन ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। निखत के अलावा मनीषा और प्रवीण ने कांस्य पदक प्राप्त किया। देशवासी महिला मुक्केबाजों के पदक जीतने पर खुशी व्यक्त कर रहे हैं। देश की झोली में मैडल दिलाने में अलवर के बॉक्सर गिरीश शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। महिला विश्व चैंपियनशिप के लिए गिरीश भारतीय टीम के कोच थे। गिरीश ने पत्रिका से बात करते हुए बताया कि सभी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया। जिसकी बदौलत 73 देशों में भारत को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। गिरीश 20 अप्रैल को भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम के साथ जुड़ गए थे। टीम ने 5 मई तक तुर्की में ही अभ्यास किया। टीम के हैड कोच भास्कर भट्ट के नेतृत्व में टीम को बॉक्सिंग के गुर सिखाए गए।

पांच बार के नेशनल मैडलिस्ट हैं गिरीश शर्मा

भारतीय टीम के कोच नियुक्त किए गए गिरीश शर्मा 5 बार के नेशनल मैडलिस्ट हैं। उन्होंने लगातार 6 बार राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीता है। वे भारतीय नेवी में तैनात थे और नेवी की ओर से भी बॉक्सिंग खेलते थे। गिरीश 31 जनवरी को ही सेवानिवृत हुए है। तुर्की से भारत आने पर भारत सरकार के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने विजेता बाक्सरों के साथ भारतीय टीम के कोच अलवर के गिरीश शर्मा को भी सम्मानित किया। जिला बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष दिनेश भार्गव व सचिव सत्येन्द्र टोंगड़ा समेत समस्त पदाधिकारियों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

भारतीय टीम को सिखाई विशेष तकनीक

गरीश ने बताया कि कोचिंग स्टाफ ने टीम के साथ कड़ी मेहनत की थी। मुक्केबाजों को खेल के प्रति चतुर बनाया। काउंटर ट्रेनिंग दी गई। मनोबल बढ़ाया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय महिला टीम के मुक्केबाजों की फिटनेस अन्य देशों की खिलाड़ियों से बेहतर है, जिसका उन्हें फायदा मिला। गिरीश ने कहा कि अलवर के मुक्केबाजों में काफी प्रतिभा है। युवा मुक्केबाज मेहनत करें और उन्हें सुविधाएं मिले तो भारत की झोली में और भी मैडल आ सकते हैं।