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कचरे के निस्तारण के उपाय नहीं, डम्पिंग यार्ड से फैल रहा प्रदूषण

गीला सूखा कचरा सिर्फ नारों तक सिमटा : स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोलती तस्वीरे
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अलवर

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Shyam Sunder Sharma

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Updated: 26 Dec 2020, 5:52 PM IST

कचरे के निस्तारण के उपाय नहीं, डम्पिंग यार्ड से फैल रहा प्रदूषण

कचरे के निस्तारण के उपाय नहीं, डम्पिंग यार्ड से फैल रहा प्रदूषण


अलवर. बहरोड़ नगरपालिका क्षेत्र में हमीदपुर रोड पर कचरा संग्रहण के लिए डम्पिंग यार्ड बना देने के बाद भी मोहल्लों से निकला कचरा इधर उधर फैल रहा है। डम्पिंग यार्ड में डाले जाने वाले कचरे का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। कचरे का निस्तारण न होने से डम्पिंग यार्ड में टनों कचरा एकत्र हो गया है। इस कचरे से दुर्गंध उठती रहती है।यह आसपास की बस्तियों के लिए दुखदायी साबित हो रहा है। इस कचरे को आग के हवाले किया जा रहा है। इससे हवा में प्रदूषण फैल रहा है। हवा के जरिए फैल रहा प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।

कचरे के ढेरों में उडक़र पॉलिथीन आसपास के खेतों में बिखरी रहती हैं। इससे खेतों की भूमि भी खराब हो रही है।डंपिंग यार्ड में गीला व सूखा कचरा डालने की व्यवस्था भी नहीं है।नगर पालिका में कचरा संग्रहण करने वाले वाहन भले ही गीले और सूखे कचरे के अलग-अलग पात्र रखते हो। लेकिन डंपिंग यार्ड में अलग-अलग तरह के कचरे को डालने के इंतजाम ही नहीं है। कस्बे में गीला व सूखा अलग कचरा संग्रहण सिर्फ नाटक के अलावा कुछ नजर नहीं आता है। वहां घरों में इक_ा होने वाला कचरा भी लोग अलग अलग एकत्र नहीं करते है। ऐसे में किसकों इसका जिम्मेदार माना जाए। यह सवाल भी है। नगरपालिका के पास डम्पिंग यार्ड में व्यवस्था नहीं है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन से यहां उलट हालात है।

वहां पर निवास करने वाले स्थानीय ज्ञान प्रकाश,सन्तोष देवी,सुरेश देवी ने बताया कि यहां पर गिरे हुए कचरे से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिका के द्वारा यहां पर कचरा गिरवाया जा रहा है। जिससे हर समय दुर्गंध में जीने के लिए मजबूर हैं। और कर्मचारियों के द्वारा गेट पर ही कचरा डाल दिया
जाता है।
जिससे हवा के कारण घरों की तरफ गन्दगी फैल जाती है। जिससे दिनभर जहरीले मच्छर मक्खियां घरों व भोजन में मंडराती रहती है। जिसके कारण बीमारी फैल रही हैं। और यहां पर ही मरे हुए पशुओं को डाला जाता हैं। जिसके बारे में काफी बार अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे हर समय गन्दगी में जीना पड़ रहा है।

बजट का दुरुपयोग
सरकार स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर नगरपालिका को लाखों रुपए का बजट हर साल दे रही है। इस राशि का ज्यादा दुरुपयोग रैलिया निकालने व नारेबाजी में ज्यादा होता दिखाई देता है। डम्पिंग यार्ड में कचरे के निस्तारण व कस्बे मे अन्यत्र लगे कचरे के ढेरों से उठती दुर्गंध के पुख्ता इंतजाम नही हो पा रहे है।