
अब अलवर में आधी रह जाएंगी शराब की दुकानें
नए जिलों के गठन के बाद अब नए वित्तीय वर्ष से अलवर जिले में शराब की दुकानों की संख्या भी आधी रह जाएंगी। आधी दुकानें अलवर आबकारी अधिकारी के क्षेत्राधिकार से हटकर कोटपूतली-बहरोड़ आबकारी अधिकारी के अधीन रहेंगी। नए वित्तीय वर्ष के लिए शराब की दुकानों का नवीनीकरण भी अब इसी आधार पर किया जा रहा है।पुराने अलवर जिले की बात करें तो यहां आबकारी विभाग से पंजीकृत 293 देशी-अंग्रेजी शराब की दुकानें हैं तथा दो दर्जन से ज्यादा शराब फैक्ट्रियां हैं। अगस्त, 2023 में सरकार ने अलवर के टुकड़े कर कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा दो जिले बना दिए थे। वहीं, कोटपूतली-बहरोड़ जिले में आबकारी अधिकारी का पद भी सृजित कर दिया। अलवर जिला आबकारी अधिकारी और कोटपूतली-बहरोड़ जिला आबकारी अधिकारी के बीच क्षेत्रधिकार का विभाजन हो चुका है। जिला आबकारी विभाग के अधिकारी के अनुसार नए वित्तीय वर्ष से अलवर जिले में 145 देशी-अंग्रेजी शराब की दुकानें रह जाएंगी तथा शेष 148 कोटूपतली-बहरोड़ जिला आबकारी अधिकारी के क्षेत्राधिकार शामिल हो जाएंगी। वहीं, आधी से ज्यादा शराब फैक्ट्रियां भी कोटूपतली-बहरोड़ जिला आबकारी अधिकारी के क्षेत्राधिकार में शामिल हो चुकी हैं। क्षेत्राधिकार के विभाजन के हिसाब से इस बार शराब की दुकान और फैक्ट्रियों का नवीनीकरण किया जा रहा है।
राजस्व लक्ष्य भी कम होगा
राज्य सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 में अलवर जिला आबकारी विभाग को 1 हजार करोड़ रुपए का राजस्व वसूली लक्ष्य दिया है। वहीं, इससे पहले अलवर जिले में आबकारी का राजस्व लक्ष्य 958 करोड़ रुपए था। नए जिलों के गठन के बाद अलवर जिले में शराब की दुकान और फैक्ट्रियों की संख्या कम रह गई हैं। ऐसे में इस बार राजस्व लक्ष्य भी आपस में बंट जाएगा और अलवर जिले का राजस्व वसूली लक्ष्य भी लगभग आधा ही रह जाएगा।
Published on:
11 Mar 2024 12:07 pm
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