13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लापरवाही : राजर्षि महाविद्यालय ने नोटबंदी के समय नहीं बदले इतने लाख के पुराने नोट, अब जलाए जाएंगे विद्यार्थियों से लिए गए पैसे

https://www.patrika.com/alwar-news/

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Oct 17, 2018

Old Indian Currency In RR College Alwar Will Burn after No Exchange

लापरवाही : राजर्षि महाविद्यालय ने नोटबंदी के समय नहीं बदले इतने लाख के पुराने नोट, अब जलाए जाएंगे विद्यार्थियों से लिए गए पैसे

अलवर. राजर्षि महाविद्यालय में 6 साल पहले बरामद किए गए एक लाख रुपए अब आग के हवाले कर दिए जाएंगे। रिजर्व बैंक ने यह नोट अब बदलने से साफ इनकार किया है। रिजर्व बैंक ने राजर्षि महाविद्यालय को इस आशय का एक पत्र भेजा है जिसमें कहा कि अब किसी भी सूरत में आपकी ओर से 99 हजार 500 रुपए के नोट बदलने का प्रस्ताव नहीं माना जा सकेगा। अब ये नोट चलन से बाहर हो गए हैं जो बदले नहीं जा सकेंगे। यह नोट नहीं बदलने की प्रक्रिया पूरी होने से इन नोटों का अब नष्ट किया जाएगा। इसके लिए प्राचार्य एक कमेटी का गठन करेगी जो इन नोटों को नष्ट करेगी।

प्राचार्य बिमलेश गुप्ता ने बताया कि अभी हाल ही में रिजर्व बैंक की ओर से यह पत्र मिला है जिस पर निर्णय लिया जाएगा। महाविद्यालय के आर्थिक प्रशासनिक अधिकारी कृपाल सिंह का कहना है कि 99 हजार 500 रुपए की राशि के नोटों को नहीं बदलने का पत्र आ गया है। इसके चलते इन नोटों का क्या करना है, इसका निर्णय आगामी दिनों में लिया जाएगा। यह माना जा रहा है कि इन नोटों को जलाकर नष्ट किया जाएगा। ये नोट 2012 में बरामद किए गए थे जिसकी पूरी राशि एक लाख 15 हजार थी। इसमें 95 हजार 500 रुपए तो एक हजार व 500 रुपए के थे जबकि अन्य नोट 100 रुपए के थे। अब 95 हजार रुपए की राशि को नष्ट किया जाएगा।

लापरवाही उजागर

राजर्षि महाविद्यालय में 2012 को एक लाख 15 हजार रुपए की राशि बरामद की गई जिसका डिस्पोजल वर्षों से नहीं किया गया। इन नोटों को लिफाफे में डालकर अलमारी में पैक करके रख दिया जिसके बारे में शिक्षा निदेशालय को भी सही तरीके से नहीं लिखा गया। इसके चलते यह नोट कागज में बदल गए। अलवर में इस तरह की सरकारी लापरवाही से भारतीय मुद्रा का अपमान हो गया है। यह नोट प्रेक्टिकल वाले विद्यार्थियों से एकत्रित किए गए थे जिन्हें किसने एकत्रित किया, इसके बारे में असमंजस बना रहा। इसकी निदेशालय ने जांच भी की।