
अलवर। 4 क 54 शिवाजी पार्क और 2—3 अक्टूबर 2017 की दरमियानी रात। भले ही लोगों के जहन से उतर गए हो, लेकिन ठीक एक साल पहले इसी मकान और रात में सुहाग आर कोख के रिश्तोें का ऐसा कत्ल हुआ, जिससे पूरा प्रदेश सिहर उठा।
संतोष उर्फ संध्या ने प्रेमी हनुमान के साथ मिल पति और चार बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था। उस गली और पड़ोस में आज जनजीवन सामान्य हो गया है, लेकिन जब बात छिड़ती है तो घटना की दहला देने वाली तस्वीर लोगों की आंखों के सामने होती है। हर किसी को अब इन हत्यारों की सजा के फैसले का इंतजार है।
संतोष उर्फ संध्या ने प्रेमी हनुमान चौघरी उर्फ जैक और उसके दो अन्य साथियों के साथ मिलकर एक अक्टूबर 2017 की रात अपने पति बनवारी शर्मा और पुत्र अमन उर्फ मोहित, निक्की उर्फ अखिलेश, हैप्पी उर्फ हिमेश और अज्जू उर्फ लोकेश की धारदार चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। इनमें से उसकी देवरानी का बेटा था। जबकि देवरानी कविता और उसका छोटा बेटा विनय उपर सो रहे थे।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश घर से स्कूटी लेकर फरार हो गए, जबकि मास्टर संतोष उर्फ संध्या वहीं रही। अगले दिन एक साथ पांच हत्याओं से पूरे शहर में दहशत फैल गई। संतोष ने वारदात पर पर्दा डालने और पुलिस को गुमाराह करने की खूब प्रयास किए, लेकिन पुलिस ने चंद दिन बाद ही घटना से पर्दा उठा दिया। प्रकरण में पुलिस ने संतोष उर्फ संध्या, उसके प्रेमी हनुमान उर्फ जैक तथा हनुमान के दो अन्य लड़कों को गिरफ्तार किया था।
गवाहों के बयान शुरू
प्रकरण अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 2 देवेन्द्र नागर की कोर्ट में विचारधीन है। अपर लो अभियोजक संख्या 2 दिलीप कुमार जैने ने बताया कि पांच हत्याओं के आरोपी संतोश उर्फ संध्या और हनुमान उर्फ जैक के खिलाफ प्रकरण विचारधीन है। दो अन्य आरोपियों को न्यायालय ने नाबालिग घोषित कर दिया है। जिनके खिलाफ बाल न्यायालय में प्रकरण विचारधीन है अब तक करीब एक दर्जन गवाहों के बयान हो चुके हैं। इस प्रकरण में सरकार की आरे से अशोक कुमार शर्मा को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
Published on:
01 Oct 2018 04:53 pm
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