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अलवर जिले के जनप्रतिनिधियों के पास नहीं विकास पर चर्चा करने का समय, नहीं हो सकी विकास पर चर्चा

अलवर जिला परिषद में आयोजित साधारण सभा की बैठक में केवल एक ही विधायक पहुंचे। इस वजह से बैठक को स्थगित करना पड़ा।

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अलवर

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Prem Pathak

Apr 17, 2018

ONLY ONE MLA PRESENT IN MEETING OF ZILA PARISHAD

अलवर जिले के जनप्रतिनिधियों के पास जनता के बीच जाकर विकास कराने का तो छोडि़ए, बैठक में शामिल होकर विकास पर चर्चा करने तक का समय नहीं है। तभी तो करीब 10 माह बाद आयोजित की गई जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में 11 में से केवल एक विधायक पहुंचे। इसका नतीजा यह रहा कि इस बैठक को भी स्थगित करना पड़ा।

जनता के ये काम हुए प्रभावित

बैठक में महात्मा गांधी नरेगा की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन एक बार फिर बैठक के स्थगित होने पर मुद्दों पर चर्चा धरी रह गई। जिला परिषद अधिकारियों के अनुसार बैठक में ग्राम रेवाणा में 24 लाख 97 हजार रुपए की लागत से पानी की टंकी निर्माण कार्य का अनुमोदन, ग्राम पंचायत सारेकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण के लिए 2566.66 वर्गगज भूमि, ग्राम पंचायत फूलावास में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए 2008.50 वर्गगज भूमि के आवंटन का अनुमोदन होना था। इसके अलावा ग्राम पंचायत मालाखेड़ा की प्रताप नगर आवासीय कॉलोनी में सात भूखण्डों की नीलामी एवं ग्राम पंचायत बडौदामेव की ओर से पुलिस थाना बड़ौदामेव के लिए 0.18 हैक्टेयर भूमि आवंटन का अनुमोदन होना था। लेकिन यह सभी कार्य बैठक के स्थगित होने पर अटक गए।

विकास कार्यों पर भारी राजनीति

बैठक के स्थगित होने के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। दरअसल, जिले में 11 में से 10 विधायक भाजपा के हैं। वहीं, जिला प्रमुख कांग्रेस की है। ऐसे में बैठक के स्थगित होने एवं विकास कार्यों के अटकने से कुछ को फायदा और कुछ को नुकसान होता है। ऐसा सोमवार को आयोजित बैठक में भी झलका। बैठक में जहां कांग्रेस के 12 जिला परिषद सदस्य पहुंचे, वहीं भाजपा के 29 में से केवल 4 सदस्य बैठक में पहुंचे। बैठक में शामिल तीनों प्रधान भी कांग्रेस समर्थित थे।

ये आने चाहिए थे

49 जिला परिषद सदस्य, 11 विधायक, 4 सांसद व 14 प्रधान।

ये जनप्रतिनिधि पहुंचे

जिला प्रमुख रेखा राजू यादव, उप जिला प्रमुख रमन गुलाटी, विधायक जयराम जाटव, राजगढ़ प्रधान महन्त जयराम दास, लक्ष्मणगढ़ प्रधान शीला मीणा, उमरैण प्रधान मंजू पटेल, जिला परिषद सदस्य सफिया खान, नवल योगी, भागचंद बैरवा, लखमी सैनी, कल्याण सहाय, अरविन्द यादव, दुलीचंद, बनवारीलाल, राजेश गुर्जर, चन्द्रभान गुर्जर, वंदना व्यास, पिंकी मीणा, ममता गुर्जर, सपना तिवाड़ी।

इस बार हमने बैठक की सूचना तीन-तीन बार देने की व्यवस्था की। हमने सभी जनप्रतिनिधियों को डाक से चि_ी भेजी। संबंधित विकास अधिकारियों से सूचना भिजवाई। परिषद कर्मचारियों से भी सभी को सूचना भिजवाई गई। इसके बाद भी जनप्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचे और कोरम अधूरा रह गया।

अंशदीप, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अलवर।