
गांवों में घूंघट की ओट से मतदान
अलवर.
गांव की सरकार के चुनाव के दिन आधी आबादी यानी महिलाएं घूंघट में नजर आई। भले ही पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दे दिया हो लेकिन, अब भी गांवों में महिलाओं के चेहरे से घूंघट नहीं हट सका है। वोट डालने वाली 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं घूंघट में आई। बुजुर्ग महिलाओं के अलावा बहुत कम महिलाएं बिना घूंघट के दिखी। परसाका बास, कैरवाड़ा व बीजवाड़ में कुछ महिला प्रत्याशियों से भी पत्रिका ने बातचीत की। अधिकतर ने यही कहा कि अभी गांवों में घूंघट है। पूरी तरह से हटाना मुश्किल है। लेकिन, पढ़ी-लिखी महिलाएं कम घूंघट करती हैं।
परसा का बास में महिला प्रत्याशी ने कहा कि वे पिछले पांच साल सरपंच रही हैं। खुद कतई घूंघट नहीं करती है। वार्ड पंच महिलाओं को भी घूंघट नहीं करने के लिए प्रेरित करती रही हैं। जिसके कारण कई पंच महिलाओं ने हर समय घूंघट करना छोड़ दिया है। यहां गांव में तो ये हाल है ं कि महिला का महिला से भी घूंघट का रिवाज है। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कहा कि अब पहले से कम घूंघट करने लगे हैं। चुनाव में महिलाओं को
बराबर का अधिकार दिया है। लेकिन, अब भी घूंघट को महिला की लाज के रूप में देखा जाता है लेकिन, अब धीरे-धीरे बदलाव आने लगा है। सामान्य महिलाओं के अलावा चुनाव लड़ रही महिला प्रत्याशी भी घूंघट में नजर आई।
Published on:
22 Jan 2020 08:51 pm
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