
पपला गुर्जर के भागने के बाद बहरोड़ थाने पर गिरी गाज, थानाधिकारी सुगन सिंह निलंबित, थाने का पूरा स्टाफ लाइन हाजिर
अलवर. Papla Gujjar Case: बहरोड़ थाने में एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर कुख्यात अपराधी विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को लॉकअप से छुड़ा ले जाने की घटना के तीसरे दिन सोमवार रात बहरोड़ एसएचओ सुगनसिंह को निलम्बित कर दिया। थाने के दो हैडकांस्टेबल विजयपाल और रामोतार को बर्खास्त तथा शेष पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर किया गया है।
वहीं, तत्काल तिजारा के एसएचओ जितेन्द्र सोलंकी को बहरोड़ एचएचओ लगाते हुए पूरा स्टाफ नया लगा दिया है। एक अन्य आदेश में अतुल साहू को झालावाड़ से स्थानांतरित कर बहरोड़ डीएसपी लगाया गया है। इस प्रकार से प्रकरण में पुलिस की मिलीभगत के बाद बहरोड़ का पूरा का पूरा पुलिस महकमा बदल दिया गया है।
प्रारम्भिक स्तर पर दोषी माना
जयपुर रेंज आईजी एस. सेंगाथिर ने बताया कि प्रकरण में प्रारम्भिक स्तर पर कुख्यात अपराधी को भगाने में बहरोड़ थाने के स्टाफ की मिलीभगत व लापरवाही मानी है। इसी के आधार पर पूरे थाने के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जांच जारी है।
69 पुलिसकर्मी हटाए, उतने ही लगाए
बहरोड़ थाने पर एसएचओ समेत 69 पुलिसकर्मियों का स्टाफ था। पूरे स्टाफ को हटाते हुए उनके स्थान पर 69 नए पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। थाने में दो एसआई रामकिशोर और शेरसिंह लगाए गए हैं।
पत्रिका की खबर पर मुहर
प्रकरण में राजस्थान पत्रिका ने कुख्यात अपराधी पपला गुर्जर को छोडऩे के लिए पुलिस की सौदेबाजी और थाने की हवालात के पास की कोठड़ी में सौदेबाजी की साजिश रचने का खुलासा किया था। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने इसे सही मानते हुए एसएचओ के निलम्बन, कोठड़ी में सौदेबाजी करने वाले हैडकांस्टेबल विजयपाल और रामोतार को बर्खास्त तथा अन्य स्टाफ को लाइन हाजिर किया है। पुलिस की यह कार्रवाई पत्रिका की खबर पर विश्वसनीयता की मुहर लगाती है।
Updated on:
10 Sept 2019 08:39 am
Published on:
09 Sept 2019 11:08 pm
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