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खटारा बसों में खा रहे हिचकोले, यात्रियों की समस्या पर नहीं ध्यान!

कोटपूतली अलवर वाया बानसूर मार्ग पर रोडवेज बसों का टोटा होने से यात्रियों को सफर में परेशानी हो रही है। इसे लेकर क्षेत्रवासियों ने बसें बढाने की मांग की है।

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अलवर

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Nupur Sharma

May 05, 2023

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कोटपूतली अलवर वाया बानसूर मार्ग पर रोडवेज बसों का टोटा होने से यात्रियों को सफर में परेशानी हो रही है। इसे लेकर क्षेत्रवासियों ने बसें बढाने की मांग की है। साथ ही आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि व सरकार की ओर से इस ओर गौर नहीं किए जाने से इस मार्ग पर यात्रा करने वालों यात्रियों की समस्या दिन प्रतिदिन बढती जा रहीं है। विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड रहा है। महिलाओं को भी प्राइवेट वाहनों में महंगी यात्रा करने का मजबूर होना पड रहा है। लोगों ने कई मर्तबा विभाग के अधिकारियों सहित विधायक एवं जनप्रतिनिधयों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन समस्या जस की तस है।

जानकारी के अनुसार कोटपूतली अलवर वाया बानसूर मार्ग पर दो वर्ष पूर्व तक कोटपूतली आगार की 16 बसें थी, जो हर आधा घंटे में संचालित थी। इन बसों से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें जुडी हुई थी, लेकिन दो वर्षो में कोटपूतली आगार प्रबंधक की ओर से मार्ग पर बसों को घटाकर मात्र आधा दर्जन कर दिया। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। मुख्यालय जाने के लिए भी यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड रहा है। विभाग की ओर से बसों का शेडूयल नहीं होने से भी यात्रियों को खडा रहना पडता है। बानसूर कस्बे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री कोटपूतली व अलवर मार्ग पर यात्रा करते हैं।

रामपुर गांव से भी बस घटाई :
कोटपूतली आगार प्रबंधक ने रामपुर से सुबह नौ बजे चलने वाली बस को भी हटा दिया है। जिससे ग्रामीणों में रोष हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रामपुर से कोटपूतली के लिए सुबह नौ बजे बस रवाना होती थी, जो एक माह से बंद है। पहले गांव से तीन बसें संचालित थी।

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मात्र छह बसें संचालित
कोटपूतली आगार की ओर से इस मार्ग पर मात्र छह बसें संचालित की हुई है। जो खटारा है। आए दिन ब्रेक डाउन होकर मार्ग पर कहीं भी खडी हो जाती है। ऐसे में महिला यात्री सहित विद्यार्थी परेशान होते हैं। बस खराब होने पर कार्य भी नहीं पाता है। विभाग की इस मार्ग पर संचालित खटारा बसों के शीशे टूटे हुए है। सीटे फटी हुई है। बसों में गंदगी भी रहती है। बसों के फेरे कम होने से महिला एवं विद्यार्थियों को मिलनी वाली छूट का लाभ नहीं मिल पाता है।

कोटपूतली रोडवेज डिपो में पहले 80 बसें थी। बसें खटारा एवं नकारा होने से वर्तमान में मात्र 43 बसें संचालन में है। नई बसें आने पर स्थिति ठीक हो सकेगी।- पवन सैनी, आगार प्रबंधक, कोटपूतली।

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स्थानीय जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की जनता की कोई चिंता नहीं। सरकार मात्र झूठी घोषणाएं कर वाहवाही लूट रही है। क्षेत्र में बसों के फेरे घटाने से आमजन को महंगी यात्रा करनी पड रही है। पहले झूठी वाहवाही लूटने के लिए हरसौरा मार्ग पर बसों को संचालन किया, जो कुछ दिनों में ही बंद कर दिया। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर समाधान करेंगे। - डॉ. रोहिताश्व शर्मा, पूर्व मंत्री।

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