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पत्रिका जन एजेण्डा मीटिंग में अलवर वासियों ने कहा पहले अलवर को सुरक्षित मानते थे, अब घर में भी सुरक्षा की गारंटी नहीं

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अलवर

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Hiren Joshi

Nov 25, 2018

Patrika Jan Agenda Meeting : Alwar Security Issue

पत्रिका जन एजेण्डा मीटिंग में अलवर वासियों ने कहा पहले अलवर को सुरक्षित मानते थे, अब घर में भी सुरक्षा की गारंटी नहीं

अलवर.. राजस्थान पत्रिका की ओर से वीएल मैमोरियल पब्लिक स्कूल में अलवर शहर और जिले के जन एजेंडे के मुद्दों को लकर संवाद कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों, चेंजमेकर और समाज सेवा से जुड़े लोगों ने सुझाव दिए। इस बैठक में यह बात सामने आई कि अलवर शहर जो कभी अपना प्रिय व सुंदर शहर होता था। आज वहां सडक़ों पर छोडि़ए, घरों में सुरक्षित रहना ही मुश्किल हो रहा है। इस शहर में हर कदम पर समस्या ही समस्या है।

जन एजेंडे को लेकर हुए संवाद कार्यक्रम की शुरुआत में पत्रिका के अभियान में राजनीति में स्वच्छता के चेंजमेकर मोहित डूडेजा ने कहा कि अलवर में सबसे अधिक पर्यटन विकास की संभावना है जिसके लिए पर्यटक स्थलों का विकास और उनका प्रचार-प्रसार होना चाहिए। यहां पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए अब तक सार्थक प्रयास नहीं हुए हैं। हैल्पिंग हैंडस के ब्रांड एम्बेसडर दिनेश गुर्जर का कहना है कि यहां सबसे अधिक आवश्यकता शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास की है, इनके बिना सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।

शिक्षाविद् अजय लोचन माथुर ने कहा कि शहर में आधारभूत सुविधाओं का विकास अभी तक नहीं हो पाया है। लगता है कि विकास की दृष्टि से हमारा शहर पहले से और अधिक विकसित होने की बजाए पिछड़ गया है। प्रिंसीपल रेखा शारदा ने कहा कि अलवर में संवाद कार्यक्रम में रिया माथुर ने कहा कि अलवर में यातायात की कोई व्यवस्था सही नहीं है। लोगों को ट्रेफिक सेंस तक नहीं है, यहां कोई एम्बुलेंस तक को निकलने के लिए जगह नहीं देता है।

काजल सोनी ने कहा कि यहां सबसे बड़ी समस्या सफाई की है। कहीं से कूड़ा उठाया तो उसे दूसरी जगह डाल दिया जाता है। यह सच है कि अलवर बहुत खूबसूरत शहर है लेकिन इसे बदसूरत बनाकर रख दिया है। विनिता कालानी का कहना है कि यहां सरकारी विभागों में सामंजस्य का अभाव है। कोई विभाग सडक़ बनाता है तो दूसरा उसको तोड़ देता है। युवा महेन्द्र मुखीजा का कहना है कि अलवर बहुत शांतिप्रिय शहर था लेकिन यहां की शांति पर किसी की नजर लग गई है। यहां का विकास कई वर्षों से तो थम गया है। शहर अब कस्बे का रूप ले रहा है। इसी प्रकार रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि अलवर में शिक्षा के क्षेत्र में विकास की संभावनाएं हैं।

इन्होंने भी रखे सुझाव

जन एजेंडे की बैठक में सतीश शर्मा, नकुल सैनी, नरेश विजय, अर्चना, मोना भारद्वाज, रीया, मोनिका, हेमलता, रजनी गुप्ता व दीपक शर्मा ने अलवर शहर व जिले के विकास को लेकर उपयोगी सुझाव दिए।