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अलवर गैंगरेप की वीडियो वायरल करने के दोषी को हुई 5 साल की सजा, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर या लाइक करने से पहले सोचें

सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर की गई सामग्री सही है और आम वजन के लिए हितकारी है तो एक सामाजिक क्रांति अथवा वरदान बन जाती है, लेकिन यदि वह सामग्री किसी धार्मिक सामाजिक अथवा व्यक्ति के निजी हितों को प्रभावित करती है तो भारतीय दंड संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अनुसार अपराध की श्रेणी में आता है।
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अलवर

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Lubhavan Joshi

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Updated: 13 Oct 2020, 7:04 PM IST

Pawan Jeenwal By Invitation In Alwar Patrika

अलवर गैंगरेप की वीडियो वायरल करने के दोषी को हुई 5 साल की सजा, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर या लाइक करने से पहले सोचें

अलवर. सोशल मीडिया से आज हम में से कोई भी अनजान नहीं है। यह एक ऐसा माध्यम है जो शेष सभी प्रिंट मीडिया से अलग है। इंटरनेट के माध्यम से कोई भी व्यक्ति व्हाट्स-एप, फेसबुक, ट्विटर व इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म का उपयोग कर बहुत ही कम समय में लाखों लोगों तक अपनी पहुंच बना सकता है।

यदि सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर की गई सामग्री सही है और आम वजन के लिए हितकारी है तो एक सामाजिक क्रांति अथवा वरदान बन जाती है, लेकिन यदि वह सामग्री किसी धार्मिक सामाजिक अथवा व्यक्ति के निजी हितों को प्रभावित करती है तो भारतीय दंड संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अनुसार अपराध की श्रेणी में आता है।
इस स्थिति में इंटरनेट के प्लेटफार्म पर साझा की गई जानकारी एक बड़ा अपराध सिद्ध होती है। गत दिनों थानागाजी गैंग रेप प्रकरण ने पूरे देश को हिला दिया था। सजा सुनाते समय न्यायालय ने इसे द्रौपदी के चीर हरण से भी अधिक गंभीर अपराध होने की संज्ञा दी थी। इस प्रकरण में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई तथा वीडियो वायरल करने वाले को 5 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

उनका मानना है कि आज आम आदमी के हाथ में मोबाइल है और बिना सोचे समझे किसी भी गलत पोस्ट को शेयर करने की एक छोटी सी भूल उस व्यक्ति को सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए समाज के सभी वर्गों को भी इस विषय में आवश्यक कदम उठाने चाहिए और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनों का आवश्यक रूप से अध्यनन करना चाहिए। आज सोशल मीडिया का सहारा लेकर सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचे जा रहे हैं और हनी ट्रैप व मनी ट्रैप जैसे अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।
हम सभी को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अत्यधिक सावधानी बरतनी की आवश्यकता है।

सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू भी बहुत हैं

सोशल मीडिया का सावधानी व ध्यान पूर्वक उपयोग जीवन में सुख व खुशहाली ला सकता है, लेकिन इसका लापरवाही पूर्वक व गलत प्रकार से किया गया दुरुपयोग न केवल किसी अपराध में फंसा सकता है अपितु व्यक्ति को जेल भी भिजवा सकता है।