
अलवर की बेटी पायल ने अमेरिका में रोशन किया देश का नाम, प्रशासन बोला- कौन पायल? हम नहीं जानते!
अलवर. Payal jangid Changemaker Award : राजस्थान में अलवर के थानागाजी ( Payal Jangid Thanagazi ) क्षेत्र के हींसला गांव की बेटी पायल अब दुनिया में रोल मॉडल बन गई है। ( Payal Jangid Against Child Marriage ) बाल विवाह रोकने का प्रशासन का काम पायल करती रही। उनके जरिए आसपास समाज में आ रहे बदलाव के महत्व को अमरीका ने पहचान लिया लेकिन, 24 घण्टे यहां काम करने वाले प्रशासन व सरकार को अता-पता नहीं है। दो दिन पहले ही अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में बिल और मेलिंडा गेट्स फाउण्डेशन की ओर से देश के प्रधानमंत्री को गोलकीपर्स अवार्ड और पायल को चेंजमेकर अवार्ड मिला तो प्रशासन की सिर्फ नींद ही उछटी है। इससे पहले तो न कभी कोई अधिकारी न कभी सरकार का कोई नुमाइंदा उससे मिलने पहुंचा है। अब भी अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं है।
पायल के परिजनों ने बताया कि पायल 2012 से बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरितियों से लड़ाई लड़ रही है, लेकिन ना तो प्रशासन का कोई अधिकारी और ना ही जन प्रतिनिधि ने उसकी सुध ली। पायल के पिता पप्पूराम का कहना है कि सरकार बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरितियों को समाप्त करने के अभियान चलाती है, पायल बाल ट्रस्ट आश्रम के साथ कई सालों से बाल श्रम और बाल विवाह क खिलाफ कार्य कर रही है, लेकिन वे आज तक मिलने नहीं पहुंचे। अवार्ड मिलने के बाद भी पायल के कार्यों के संदर्भ में किसी ने नहीं पूछा।
पायल की उपलब्धियों से प्रशासन रहा बेखबर!
पायल की उपलबिधयों से जिला प्रशासन बेखबर रहा। पायल को चेंजमेकर अवार्ड मिलने के बाद थानागाजी के उपखण्ड अधिकारी अमित कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि पायल से मेरी कभी मुलाकात हीं हुई। एसडीएम ने कहा कि मुझे अवार्ड मिलने के बाद ही पायल के बारे में पता चला। इसके बाद पायल के पिता से बात की। फोन पर भी उपखण्ड अधिकारी ने पायल के पिता से इतना ही पूछा कि आप ही पायल के पिता हैं। पत्रिका ने जब एसडीएम से पायल के बारे मे जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि मैं कुछ माह पूर्व ही यहां आया हूं, आप पूर्व एसडीएम से पता कर सकते हैं।
इसके बाद जब थानागाजी के पूर्व उपखण्ड अधिकारी कैलाश चंद शर्मा से संपंर्क किया तो उन्होंने कहा कि कौन पायल? फिर उन्हें पायल की उपलब्धियों व कार्य की जानकारी दी। उन्होंने जवाब दिया कि इससे पहले इस मामले की जानकारी उनके पास नहीं आई।
केवल संस्था कर रही मदद
पायल के परिजनों ने बताया कि आज तक ना ही उनसे प्रशासन के किसी अधिकारी ने संपर्क किया और ना ही जनप्रतिनिधि ने। आश्रम से जुड़े लोगों के साथ मिलकर ही पायल ग्रामीणों में जागरुकता ला रही है।
Published on:
27 Sept 2019 07:00 am
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