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अभियान से जिले के लोग जुड़ते जा रहे हैं।

राजस्थान पत्रिका की ओर से गैर सरकारी स्कूलों की ओर से की जा रही अनियमितताओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान से पूरे के लोग जिले के लोग जुड़ते जा रहे हैं।
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बरेली

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Jyoti Sharma

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Updated: 11 Apr 2017, 12:48 PM IST

अलवर. राजस्थान पत्रिका की ओर से गैर सरकारी स्कूलों की ओर से की जा रही अनियमितताओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान से पूरे के लोग जिले के लोग जुड़ते जा रहे हैं।

मनमानी रूप से फीस बढ़ोतरी की जा रही है


अभिभावक संघ की ओर से जिलाध्यक्ष कमलेश सिंघल नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में किहा कि अलवर जिले में गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों की ओर से प्रति वर्ष मनमानी रूप से फीस बढ़ोतरी की जा रही है।

किताबें, कॉपियां, यूनिफार्म तक तयशुदा दुकान से ही खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। राजस्थान विधालय फीस अधिनियम 2016 के तहत कोई भी गैर सरकारी स्कूल अपनी मनमर्जी से फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकता।

शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा

प्रत्येक विद्यालय में फीस निर्धारण समिति का गठन किया जाना चाहिए। लेकिन एेसा नहीं किया जा रहा। ज्ञापन में लिखा है कि निजी स्कूल किताबें, जूते और कॉपी निर्धारित दुकान से ही खरीदने को बाध्य कर रहे हैं। सभी स्कूल एेसा कर रहे हैं, उसके बाद भी शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को भी ज्ञापन दिए जाएंगे

ज्ञापन देने गए शिष्टमंडल में सचिव शंकर गुप्ता, प्रवक्ता नरेन्द्र शर्मा, राकेश जैन, विकास जैन, दीपचंद गुप्ता और सचिन डाटा आदि थे। अब जिले के सभी ब्लॉकों में ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को भी ज्ञापन दिए जाएंगे।