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पेट्रोल-डीजल ने तोड़ी कमर, इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ा रूझान

एसजीएसटी टैक्स मिलेगा वापसबैटरी की क्षमता के आधार पर मिलेगी सब्सिडी
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पेट्रोल-डीजल ने तोड़ी कमर, इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ा रूझान

पेट्रोल-डीजल ने तोड़ी कमर, इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ा रूझान

प्रदीप यादव
अलवर. आए दिन बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने लोगों की कमर तोडकऱ रख दी है। लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोगों का रूझान अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की ओर बढ़ रहा है। पहले इलेक्ट्रिक वाहन के खरीदने पर वाहन स्वामी को टैक्स नहीं देना पड़ता था और उसका टैक्स माफ होता था, लेकिन अब प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को एसजीएसटी टैक्स वापस मिलेगा। साथ ही वाहन की बैटरी के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी।
पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम व पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहन के फायदे बताए जा रहे हैं। अभी तक इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, लोडिंग टैम्पो, रिक्शा व कार खरीदने वाले लोगों को टैक्स नहीं देना पड़ता था। इन इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को एसजीएसटी टैक्स वापस दिया जाएगा और बैटरी की क्षमता के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी।


लोगों को कर रहे जागरूक
अलवर एनसीआर का हिस्सा है। अलवर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार का इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दे रही है। केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व केंद्र सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहन के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। अलवर जिले में अभी करीब 10,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। इसमें बाइक, स्कूटर, टैम्पो, लोडिंग वाहन व कार शामिल है। ज्यादा ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें। इसके लिए परिवहन विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की चल रही है बुकिंग
इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों की माने तो इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड बढ़ी है। लोग इलेक्ट्रिक वाहन अब पसंद करने लगे हैं और इन वाहनों की डिमांड पहले की तुलना में अधिक हो गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों की एडवांस बुकिंग चल रही है। साथ ही सरकार से मिलने वाली छूट के चलते भी लोग ज्यादा वाहन खरीद रहे हैं।


अलवर एनसीआर का हिस्सा
अलवर एनसीआर में आता है। एनसीआर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। भिवाड़ी से अलवर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से प्रदूषण रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड एग्जिट अन्य संस्थाएं भी इस दिशा में काम कर रही हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की तरफ से भी प्रदूषण को कंट्रोल में लाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।