कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए उन लोगों के रक्त में से प्लाज्मा लिया जाता है जो कि कोरोना पॉजिटिव होकर नेगेटिव हो गए हों। इस प्लाज्मा को कोरोना पॉजिटिव मरीज को चढ़ाया जाता है, जिससे कि उसके शरीर में एंडीबॉडीज डवलप हो और वह जल्दी स्वस्थ हो सके, लेकिन राज्य सरकार ने अलवर जिले में प्लाज्मा डोनेट करने और कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा को शुरू ही नहीं किया है। जिसके कारण यहां मरीजों का सामान्य स्तर पर इलाज किया जा रहा है तथा गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जयपुर, गुरुग्राम या दिल्ली आदि रैफर किया जा रहा है।