अलवर. प्रदेश की राजधानी जयपुर में करीब तीन महीने पहले ही प्लाज्मा से कोरोना संक्रमितों का इलाज शुरू हो गया था लेकिन, अलवर जिले में अब तक कम्पोनेंट फैसेलिटी चालू नहीं की गई। जिसके कारण यहां प्लाज्मा से कोरोना मरीजों को इलाज नहीं मिल सका है। जबकि कोरोना संक्रमण के मामले में अलवर जिला अग्रणी जिलों में शामिल है। मतलब जयपुर व जोधपुर के बाद यहां सबसे अधिक 13 हजार से अधिक कोरोना के मरीज आ चुके हैं। जिनमें से 12 हजार 800 से अधिक ठीक हो चुके हैं। उनमें से सैकड़ों स्वस्थ हो चुके लोग प्लाज्मा दान करने को तैयार हैं लेकिन, यहां कोई इंतजाम नहीं है।