
मृतक के घर विलाप करते परिजन
राजस्थान के अलवर जिले में जहरीली शराब ने कहर बरपा दिया है। 26 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच जहरीली शराब पीने से पैंतपुर और किशनपुर गांवों के कम से कम 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जहरीली शराब पीने से सबसे पहली मौत 26 अप्रैल को पैंतपुर निवासी 45 वर्षीय सुरेश वाल्मीकि (पुत्र रामजीलाल वाल्मीकि) की हुई। 27 अप्रैल को दो और मौतें सामने आईं। इनमें किशनपुर निवासी 47 वर्षीय रामकिशोर (पुत्र रामजीलाल कीर) और पैंतपुर निवासी 39 वर्षीय रामुकुमार (पुत्र बालकिशन जाटव) की मौत हो गई।
इसके बाद 28 अप्रैल को सबसे ज्यादा मौतें हुई। इस एक दिन में किशनपुर के 60 वर्षीय लालाराम (पुत्र कन्हैया कीर), 40 वर्षीय भारत (पुत्र धवन राजपूत) और पैंतपुर के 65 वर्षीय ओमी (पुत्र बहाल नट) की जान गई।
हालांकि, जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने मृतकों के परिजनों के बयानों के आधार पर जहरीली शराब से मौत की बात को खारिज किया है। परिजनों ने विभिन्न कारण बताए, जैसे कीटनाशक छिड़कने, दमे की बीमारी और अत्यधिक शराब सेवन।
मृतकों की उम्र 39 से 65 वर्ष के बीच थी और सभी दो गांवों पैंतपुर व किशनपुर के निवासी थे। घटना के बाद से गांवों में शोक की लहर है और लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में वर्षों से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। उनका कहना है कि इसकी शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन प्रशासन ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब इन मौतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही अवैध शराब के मुख्य स्रोतों का पता चल पाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और अवैध शराब की बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो।
घटना के बाद से दोनों गांवों में दहशत और गुस्से का माहौल है। लोग प्रशासन से तत्काल और सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Updated on:
30 Apr 2025 07:01 pm
Published on:
30 Apr 2025 02:51 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
