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अलवर में शादी के कार्ड पर लिखा ऐसा संदेश, पीएम मोदी भी पढक़र हो जाएंगे खुश

अलवर में शादी के कार्ड पर संदेश लिखने का चलन बढ़ गया है। अब लोग शादी के कार्ड पर सामाजिक संदेश लिख रहे हैं।

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अलवर

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Prem Pathak

Apr 21, 2018

Positive message on wedding card in alwar

अलवर. इंटरनेट के इस युग में जब एक पल में ही सारे संदेश आसानी से यहां वहां आ जा सकते हैं। इसके बाद भी शादी विवाह में कार्ड की उपयोगिता कम नहीं हुई है। आज भी शादी के लिए वर व वधू के विवाह के लिए शादी के कार्ड छपवाए जाते हैं।

इन दिनों शादियों के कार्ड का सबसे अधिक उपयोग सामाजिक संदेश पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। एक कार्ड के साथ बहुत ही आसानी से कोई संदेश दूसरे व्यक्ति तक पहुंच रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटियों को पढऩे दो, अन्न बचाओ, स्वच्छ भारत अभियान के अलावा नशा मुक्ति के संदेश देते कार्ड बहुत देखने को मिल रहे हैं। शादी को खास बनाने की पहलकाशीराम का चौराहा पर प्रिंटिंग प्रेस का काम करने वाले महेश कुमार ने बताया कि शादी को खास बनाने और शादी के कार्ड में नयापन लाने के लिए इन दिनों अलग अलग तरह के संदेश कार्ड पर छपवाए जा रहे हैं। जब यह संदेश कार्ड लेने वाला व्यक्ति पढ़ता है तो इसका दिमाग पर मनोविज्ञानिक असर होता है ओर सकारात्मक परिणाम आते हैं।

मालाखेडा में प्रिंटर्स संचालक विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि कार्ड में संदेश लिखना एक फैशन बन गया है।
समाज में बदलाव के लिए केवल राजनेता और संगठनों के लोग ही नहीं बल्कि आम आदमी तक शादी के कार्ड में अलग - अलग संदेश छपवा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं व स्वच्छ भारत अभियान के अलावा उतना ही लो थाली में व्यर्थ न जाए नाली में आदि विशेष तौर से लिखवाएं जा रहे हैं।

संस्कृत में छपवाया कार्ड

शादी में ज्यादातर अंग्रेजी व हिंदी भाषा में ही कार्ड छपवाए जाते हैं। लेकिन इन दिनों संस्कृत भाषा को बचाने की भी पहल हो रही है। इसलिए संस्कृत भाषा में भी कार्ड छपवाए जा रहे है। शिवाजी पार्क निवासी उषा देवी और दुर्गादास के बेटे की शादी 18 अप्रेल को थी। बारात भरतपुर गई। इन्होंने अपने बेटे की शादी का कार्ड संस्कृत में छपवाया। प्रथम निमंत्रण गणेश को भले ही हम कितने भी आधुनिक क्यों न हो जाए लेकिन शादी विवाह सहित अन्य शुभ काम में आज भी सबसे पहला निमंत्रण गणेश जी को ही दिया जाता है। इसके लिए अधिकतर लोग कार्ड अवश्य ही छपवाते हेैं। कार्ड छपने के बाद पहला कार्ड गणेश जी को ही दिया जाता है।

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