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कोरोना से ठीक हुए मरीज लेकिन कमजोरी बरकरार, आयुर्वेद चिकित्सकों बता रहे क्या उपाय करें आमजन

कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिए आयुर्वेद पोस्ट कोविड सेंटर पर परामर्श दिया जा रहा है।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Apr 21, 2021

Post Covid Patients: Ayurveda Doctors Give Tips For Post Covid

कोरोना से ठीक हुए मरीज लेकिन कमजोरी बरकरार, आयुर्वेद चिकित्सकों बता रहे क्या उपाय करें आमजन

अलवर. राज्य सरकार के निर्देश पर आयुर्वेद विभाग की ओर से प्रत्येक जिले में पोस्ट कोविड आयुष सेंटर खोले गए हैं। ये पोस्ट कोविड सेंटर कोरोना से संक्रमित होकर नेगेटिव हो चुके रोगियों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। अलवर जिले के बुधविहार स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय में पोस्ट कोविड सेंटर खोला गया है। जहां प्रतिदिन 8 से 10 पोस्ट कोविड रोगी उपचार व परामर्श ले रहे हैं। जिला आयुर्वेद अधिकारी डाक्टर पवन सिंह शेखावत ने बताया कि वर्तमान में कोरोना की द्वितीय लहर में केसों में वृद्धि हो रही है। ऐसे में पोस्ट कोविड रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। प्राय: कोविड संक्रमण से नेगेटिव हुए रोगियों में- थकान, कमजोरी, खांसी, गले मे खराश, ज्वर, तनाव, वक्षशूल, उदर विकार, भूख न लगना, यकृत विकार, चर्म विकार इत्यादि समस्या देखने को मिल रही है। इनके समाधान के लिए पोस्ट कोविड रोगी जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, बुद्ध विहार ए ब्लॉक में संचालित पोस्ट कोविड केयर सेंटर में आयुष चिकित्सा परामर्श सुविधा चिकित्सालय ओपीडी समय में दी जा रही है। यहां पर आयुर्वेद में डॉ मो.अकरम यूनानी, डॉ मुकेश सोलंकी होम्यो तथा डॉ रेणु ग्रोवर योग चिकित्सा परामर्श की सेवाएं पोस्ट कोविड रोगियों को दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आदेशों की पालना में आयुर्वेद विभाग की ओर से 21 दिसम्बर से जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में पोस्ट कोविड आयुष केयर सेंटर का संचालन किया जा रहा है।
आयुर्वेद चिकित्सक दे रहे स्वस्थ व सतर्क रहने की सलाह

अलवर. वर्तमान समय में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण पहले की तुलना में तेजी से फैल रहा है। कोविड के केसों में आश्चर्यजनक तेजी आ रही है। कोविड संक्रमण से बचाव में बडी भूमिका हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता की है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने में आयुर्वेद श्रेष्ठ विकल्प है। पिछली बार कोरोना के संक्रमण से बचाव में आयुर्वेदिक आहार विहार काफी कारगर साबित हुआ था। इस बार फिर से इसको अपनाने की जरुरत है। जिससे की हम सभी स्वस्थ रहें और सुखी रहे।

आयुर्वेद चिकित्सकों से बातचीत

हमें ब्रह्म मुहूर्त में उठकर प्रात: जलपान, व्यायाम, योगाभ्यास के साथ व्यक्तिगत साफ सफाई पर ध्यान देना होगा। आयुर्वेद रसायन जैसे आमलकी ,च्यवनप्राश आदि का नियमित उपयोग करने से किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सकता है। आयुर्वेद वात शेलष्मिक क्वाथ, गिलोय, अश्वगंधा आयुष की 64 इत्यादि आयुर्वेद औषधियां जो कि कोविड संक्रण्मण से बचाव में सहायक है। इनका उपयोग हमें लिंग, उम्र एवं रोग की अवस्था के अनुसार करना चाहिए। कपूर, लौंग, गुग्गुल, नीम इत्यादि धुपन द्रव्यों का नित्य वातावरण को शुद्ध करने के लिए घरों में प्रयोग करें। तन के साथ मन को भी बल दे। सात्विक आहार विहार करे। वेद शास्त्र, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें , गायत्री मंत्र, महामत्युंजय मंत्र का जाप, यज्ञ व हवन करें।

डा. पवन सिंह शेखावत, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय , अलवर

आयुर्वेद को अपनाने से शरीर निरोग रहता है। कोरोना से बचने के लिए इसको जीवनशैली में शामिल करना होगा। प्रात:काल नित्य हल्का गुनगुना पानी पीएं, प्रातकाल योगाभ्यास करें , च्यवनप्राश का सेवन करे। नासिक में प्रात: तिल आदि का तेल डालें। हल्दी, जीरा, धनिया, लहसून का भोजन में प्रयोग करें और रात्रि में हल्दी वाले दूध का प्रयोग करें। बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए हमें आयुर्वेद दिनचर्या, ऋतुचर्या, सात्विक आहार विहार एवं विचार को अपनाना चाहिए। कोरोना के साथ नहीं आयुर्वेद के साथ हमें जीवन होगा तभी हम जी सकते हैं। आयुर्वेद को विकल्प के रूप में नहीं बल्कि स्वस्थ शतायु जीवन के लिए संकल्प के रूप में अपनाना होगा। गर्मी की ऋतु के अनुसार गिलोय, आंवला, एलोवेरा रस, नारियल पानी, आंवले का मुरब्बा, गुलकंद, अश्वगंधा, गिलोय वटी का प्रयोग करना चाहिए।

डॉ मुकेश चंद प्रजापत, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी राजकीय आयुर्वेद औषधालय पृथ्वीपुरा, अलवर।