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डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, पांच माह की बेटी को दफनाने ले जा रहे थे, रास्ते में रोने लगी, फिर से भर्ती कराया

बालिका को जन्म के बाद चिकित्सकों ने इसे मृत घोषित कर दिया, परिजन जब मृत बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर निकले तो बच्ची ने रोना शुरु कर दिया और उसके हाथ पैर हरकत करने लगे।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Jun 18, 2021

Premature Baby Survived After Declare Dead By Doctors

डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, पांच माह की बेटी को दफनाने ले जा रहे थे, रास्ते में रोने लगी, फिर से भर्ती कराया

अलवर .अलवर के सरकारी अस्पताल में लापरवाही का गुरुवार को फिर एक ऐसा मामला सामने आया जिससे सब हैरान हो गए। यहां के जनाना अस्पताल में एक बालिका को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन बेटी के मृत होने पर दुखी होकर उसे दफनाने में ले जा रहे थे। परिजनों के हाथ में वह बच्ची रोने लगी जिसे इन्होंने अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना के कई घंटे बाद तक वह ठीक है लेकिन उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

अलवर जिले के रामगढ तहसील के शेरपुर निवासी महिला ममता ने बुधवार की रात को एक बालिका को जन्म दिया । यह प्रीमच्योर डिलीवरी थी और बच्ची का वजन मात्र साढे तीन सौ ग्राम था। बालिका को जन्म के बाद चिकित्सकों ने इसे मृत घोषित कर दिया । उन्हें कहा गया कि बच्ची को ले जाए हम कुछ नहीं कर सकते। यहां तक की परिजनों से हस्ताक्षर भी करवा लिए गए। परिजन जब मृत बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर निकले तो बच्ची ने रोना शुरु कर दिया और उसके हाथ पैर हरकत लगे। परिजनों ने इसकी जानकारी तत्का जनाना अस्पताल में की लेकिन एक नहीं सुनी। इस दौरान

परिजनों ने बिना समय गवाएं बच्ची को लेकर भगतसिंह चौराहे पर स्थित एक निजी हास्पिटल में भर्ती करवाया तो वहां बच्ची बिलकुल सही थी। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डाक्टर चिराग सेठी ने बताया कि बच्ची को क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है बच्ची कम दिन की और कम वजन की है। ऐसे बच्चों का जीवित रहना बहुत मुश्किल होता है लेकिन फिर भी हम बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
दोपहर बाद परिजन फिर उस बच्ची को सरकारी जनाना अस्पताल में ले आए। यहां इसका इलाज चल रहा है।

चिकित्सकों ने कहा हम बचाने का प्रयास कर रहे-

जनाना अस्पताल के प्रभारी डाक्टर टेकचंद ने बताया कि बच्ची सुबह पैदा हुई थी उस समय इसमें कोई हरकत नहीं थी, इसलिए स्टाफ ने उसे मृत बता दिया। बाद में उसके शरीर में हरकत हुई है। परिजन उसे निजी अस्पताल में लेकर गए हैं लेकिन शाम 4 बजे बच्ची और उसकी मां को जनाना अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पेट में ही बच्ची का पानी सूख गया है। इससे स्थिति गंभीर है। बच्ची का वजन बहुत कम है यह क्रिटिकल केयर का केस है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो इसे रैफर किया जाएगा। बच्ची के पिता रवि ने बताया कि इसमें चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों की गलती है जिन्होंने बच्ची का सही ढंग से इलाज नहीं किया।