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अस्पताल में नहीं है कैदी वार्ड

आम मरीजों के साथ कर रहे चिकित्सक इलाज
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अलवर

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Shyam Sunder Sharma

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Updated: 15 Dec 2020, 5:49 PM IST

अस्पताल में नहीं है कैदी वार्ड

बहरोड़. आम मरीजों के साथ जेल से आए कैदियों को देखते चिकित्सक।


अलवर. बहरोड़ के राजकीय रेफरल अस्पताल में जेल में बन्द विभिन्न मामलो के अपराधियों के इलाज करने के लिए आज तक कोई भी अलग से कैदी वार्ड नहीं बनाया गया है। रेफरल अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि पुलिस कर्मियों द्वारा आये दिन अस्पताल में जेल से मरीजों को बीमार होने पर इलाज के लिए लाया जाता है। ऐसे में चिकित्सक कैदियों को आम मरीजों के साथ ही देखते हैं।
ऐसे में जेल में विभिन्न मामलों के कैदी बन्द रहते हंै जिनमें हत्या से लेकर गंभीर मामले के बदमाश रहते हंै। अस्पताल में जब पुलिस कर्मी इन्हें इलाज के लिए लाते हंै तो उन्हें आम मरीजों के साथ ही चिकित्सकों को देखना पड़ता है। ऐसे में मरीज अपने आप को असहज महसूस करते हंै। क्योंकि जेल से आने वाले मरीजों को भले ही पुलिस कर्मी हथकड़ी पहनाकर लाते हंै लेकिन वह कब आम मरीजो ंपर भारी पड़ जाए इसका कोई नहीं पता है। पुलिस द्वारा हत्या,फायरिंग, लूट सहित गंभीर मामलों के मरीजो को पकडक़र कोर्ट में पेश किया जाता है जहां से कोर्ट बदमाशों को जेल भेजने का आदेश देता है। जिसके बाद इन बदमाश कैदियों के बीमार होने पर पुलिस कर्मी अस्पताल में दिखाने के लिए उन्हें लेकर जाते हंै तो उनके लिए अलग से कोई वार्ड नहीं होने के चलते आम मरीजों को परेशान होना पड़ता है।

नही है अस्पताल में अलग से कैदी वार्ड
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले जेल से कैदियों के लिए अलग से कोई कैदी वार्ड नहीं है। जिससे चिकित्सकों को आम मरीजो के साथ उनका इलाज करना पड़ता है।
डॉ. आदर्श अग्रवाल, चिकित्सक रेफरल अस्पताल बहरोड़