
साल खत्म होने को है लेकिन कॉलेजों में अभी तक शैक्षणिक माहौल नहीं बन रहा है। जबकि शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए भी आधा साल बीत चुका है। आने वाले महीनों में कॉलेजों में परीक्षा होने वाली है। लेकिन कॉलेजों में ना तो शिक्षक दिखाई दे रहे हैं और ना ही विद्यार्थी।
मंगलवार को गुरु शिष्य संवाद कार्यक्रम में कॉलेजों के अधिकतर शिक्षक व कॉलेज प्राचार्य तक शामिल हुए। इसके चलते कॉलेजों में शिक्षा के लिए आने वाले विद्यार्थी अपने शिक्षकों को खोजते दिखाई दिए ।
पत्रिका टीम ने शहर के बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय व आर आर कॉलेज में जाकर वहां के हालात देखे तो सब कुछ खाली ही दिखाई दिया। स्टाफ रूम में एक भी शिक्षक नहीं मिला और कमरों में भी पढ़ाई नहीं हो रही थी। ना तो शिक्षक ही दिखाई दिए और ना ही विद्यार्थी।
पत्रिका टीम दोपहर 12 बजे कॉलेज कैंपस में पहुंची तो यहां कुछ विद्यार्थी क्रिकेट का मैच खेलते हुए दिखाई दिए। जब उनसे पूछा गया कि आपकी क्लास नहीं लग रही तो उन्होंने कहा कि शिक्षक ही नहीं आते तो हम कक्षा में बैठकर क्या करें । जब कॉलेज के अंदर जाकर देखा तो वहां कमरों की कुर्सियों पर धूल जमी हुई थी। कॉलेज कैंपस के अंदर बरामदे में जियोग्राफी की एक शिक्षिका अपने विद्यार्थियों को पढ़ा रही थी। उन्होंने बताया कि वो अपनी कक्षाएं नियमित लेती हैं। आज उनका कमरा बंद है इसलिए यहां पर ही पढ़ा रही है। अधिकतर कमरे बंद थे, जबकि कॉलेज के खाली कमरों में छात्र बातचीत करने में मशगुल थे।
कैम्पस रहा खाली
इधर, आरआर कॉलेज में तो माहौल पूरी तरह से अवकाश का नजर आया। दोपहर १ बजे जब पत्रिका की टीम यहां पहुंची तो पूरे कैंपस में एक भी विद्यार्थी दिखाई नहीं दिया। जबकि शिक्षकों की संख्या भी ना के बराबर ही थी। छात्रसंघ कार्यालय खुला हुआ था। यहां बैठे छात्रों ने बताया कि यहां सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही है इसलिए विद्यार्थी नहीं आ रहे हैं। जब कमरों में देखा तो वहां कुर्सियों पर धूल मिटटी जमी हुई थी। कॉलेज प्राचार्य भी यहां उपस्थित नहीं मिले। पूछने पर पता चला कि वो युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए हैं। कॉलेज कैंपस में थानागाजी महाविद्यालय से आए विद्यार्थियों ने बताया कि वो यहां प्रेक्टिकल की जानकारी लेने के लिए आए हैं लेकिन बताने वाला कोई नहीं मिल रहा।
Published on:
20 Dec 2017 01:38 pm
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