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पाकिस्तान के हमलों से जनता में रोष, कहा फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत

पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन के बाद अब जनता सर्जिकल स्ट्राइक की मांग कर रही है।

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अलवर

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Prem Pathak

Feb 19, 2018

Public demanding surgical strike on pakistan

अलवर. पाकिस्तान आए दिन भारत की सीमा पर हमला कर सैनिकों को नुकसान पहुंचाया रहा है। पिछले कुछ माह से आए दिन गोलीबारी, घुसपैठ आदि की घटनाएं हो रही है। पिछले दस दिनों में जम्मू में दो बड़े हमले हो चुके हैं। जिसमें हमारे सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया है। इससे देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ भारी रोष बना हुआ है। अलवरवासी भी चाहते हैं कि एक बार पाकिस्तान को एक करारा जवाब दिया जाना चाहिए, जिससे वो फिर से ऐसी हरकतें ना करें।

न जाए शहादत बेकार...

पाकिस्तान का नाम पाक है। इसका मतलब है कि जिसकी भावनाएं साफ हो शुद्ध हो, लेकिन नाम के अनुरूप पाक नापाक इरादे रखता है। एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक होनी चाहिए जिससे की पाकिस्तानी सेना को मुंह तोड़ जवाब मिल सके। 1947 के बाद कई बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी, लेकिन इसके बाद भी बाज नहीं आ रहा है। हमारे सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।
सूरजभान सिंह, भूतपूर्व सैनिक

पाकिस्तान हर समय भारत के खिलाफ आग उगल रहा है। हमारा देश शांति प्रिय देश है इसलिए पाकिस्तान की हर गलती को नजरअंदाज कर रहा है। हमारी उदारता का पाकिस्तान गलत अर्थ निकाल रहा है। विश्व में आतंकवादी देश के नाम पर पहचान बना चुका है। पाकिस्तान को जब तक की करारा जवाब नहीं मिलेगा तब तक वह ऐसी ही हरकतें करता रहेगा। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के आदेश से एक बार आमना सामना होना जरुरी है।
रघुवीर सिंह नरूका, भूतपूर्व सैनिक

पाकिस्तान देश की सीमा पर दहशत फैलाकर सेना और देश को परेशान कर रहा है। भारत कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहता, लेकिन इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। पाकिस्ताक के हमलों में हमारे सैनिक मर रहे हैं। इसलिए जरुरी है कि हमारी सेना के जवानों को एक मौका मिले और आर-पार की लड़ाई हो।
राजदीप शर्मा, सिविल इंजीनियर

एक बार बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की जरुरत है, तभी हम पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे सकेंगे। जम्मू में हमले हो रहे हैं जिनमें हमारे सैनिक यूं ही मर रहे हैं। हम कब तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे। हमारे सैनिकों को युद्ध का मौका देना चाहिए। देश की हर मां अपने बेटों को हर समय सीमा पर भेजने को तैयार है। हमारे शहीद हुए सैनिकों का बदला तभी पूरा होगा जब हम उनके सैनिकों को मार पाएंगे।
रिपुदमन सिंह नरूका एडवोकेट, अलवर