11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

नगर विकास न्यास (यूआईटी) वित्तीय वर्ष समाप्ति पर सड़कों को चमकाने में लगा हुआ है। कई सड़कों का काम चल रहा है। तेजी से चल रहे इस कार्य पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार को शिकायत भेजी है कि काम गुणवत्तायुक्त नहीं किया जा रहा। सड़क पर सड़क बनाई जा रही हैं, इससे ऊंचाई होगी और बारिश का पानी सीधे घरों, दुकानों में घुसेगा। पहले पुरानी सड़कों को हटाना चाहिए था।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

susheel kumar

Feb 29, 2024

बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

यूआईटी बना रही सड़क पर सड़क...ऊंचाई होने से बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा
- 73 करोड़ रुपए हुए थे सड़कों के लिए मंजूर, वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में हो रहा है निर्माण

- यूआईटी का कमाल, समय पर नहीं बनवा पाई सड़कें, चौराहों पर निकल रही हैं रोडि़यां


नगर विकास न्यास (यूआईटी) वित्तीय वर्ष समाप्ति पर सड़कों को चमकाने में लगा हुआ है। कई सड़कों का काम चल रहा है। तेजी से चल रहे इस कार्य पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार को शिकायत भेजी है कि काम गुणवत्तायुक्त नहीं किया जा रहा। सड़क पर सड़क बनाई जा रही हैं, इससे ऊंचाई होगी और बारिश का पानी सीधे घरों, दुकानों में घुसेगा। पहले पुरानी सड़कों को हटाना चाहिए था।


इस तरह आवंटित हुई थी राशि
यूआईटी का बजट 330 करोड़ का पास किया गया था, जिसमें 73 करोड़ रुपए सड़क निर्माण व मरम्मत के लिए रखे गए थे। यूआईटी ने 11 माह तक सड़क निर्माण पर काम नहीं किया और वित्तीय वर्ष के आखिरी समय में सड़कें बनाई जा रही हैं। एसडीएम चौराहे से जिला परिषद मार्ग चमकाया जा रहा है। हसन खां मेवात नगर की सड़कें बनाई जा रही हैं। एसएमडी चौराहे के पास निर्माण सामग्री जो लगाई जा रही है, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहां वाहनों के पहियों के साथ ही रोडि़यां निकल रही हैं। इससे पहले यूआईटी ने शिक्षा विभाग के सामने वाली रोड बनाई थी। उसकी गुणवत्ता भी इसी तरह थी।

ये है लोगों के तर्क

हसन खां मेवात नगर के आशीष अग्रवाल, विवेक सिंह आदि ने सरकार को शिकायत भेजी है। कहा है कि शहर की सड़कों पर सड़कें बनाई जा रही हैं। लगातार सड़कें ऊंची हो रही हैं। घरों का उठान वहीं पर है। ऐसे में बारिश का पानी सीधे घरों व दुकानों में घुसता है। जलभराव से निपटने की कोई पर्याप्त योजना होती नहीं है। ऐसे में निर्माण से पहले पुरानी सड़कों को हटाना चाहिए और उसी लेवल में सड़कें बननी चाहिए। यूआईटी के जिम्मेदार इस बारे में ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं सड़कों की गुणवत्ता व नियमों की जांच कराऊंगा।

-- प्रतिक जुईकर, प्रभारी सचिव, यूआईटी