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Rajasthan Election 2023: राजस्थान की इन हॉट सीटों पर होगा दिलचस्प मुकाबला, अन्य दलों के उम्मीदवार भी मजबूत

Rajasthan Election 2023: विधानसभा चुनाव में इस बार तिजारा और रामगढ़ जिले की हॉट सीटों में शामिल होने से पूरे जिले की नजर यहां के चुनाव पर लगी है। वहीं दो केबिनेट मंत्रियों सहित कांग्रेस व भाजपा के अन्य प्रमुख प्रत्याशियों की सीटों पर भी इस बार मुकाबला रोचक होने की आसार हैं।

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अलवर

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Kirti Verma

Nov 11, 2023

congress bjp  flag

Rajasthan election 2023 विधानसभा चुनाव में इस बार तिजारा और रामगढ़ जिले की हॉट सीटों में शामिल होने से पूरे जिले की नजर यहां के चुनाव पर लगी है। वहीं दो केबिनेट मंत्रियों सहित कांग्रेस व भाजपा के अन्य प्रमुख प्रत्याशियों की सीटों पर भी इस बार मुकाबला रोचक होने की आसार हैं। कारण है कि इस बार विधानसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस व भाजपा के बागी मजबूत दावेदारी जता रहे हैं, इससे कई सीटों पर मुकाबला नजदीकी भी रहने की उम्मीद है।

विधानसभा चुनाव में इस बार वैसे तो सभी सीटों पर रोचक मुकाबला बनता दिखाई पड़ रहा है। लेकिन मेवात से जुड़े तिजारा व रामगढ़ में स्थिति अन्य सीटों से कुछ अलग है। कारण है कि दोनों ही सीटें हरियाणा से सटी हैं, इस कारण यहां हरियाणा की राजनीति का असर होना तय है। ऐसे में तिजारा से भाजपा ने अपने फायर ब्रांड नेता और सांसद महंत बालकनाथ को चुनाव मैदान में उतार कर चुनाव को रोचक बना दिया है। वहीं इस सीट पर कांग्रेस ने इमरान खान को उतारा है। यहां मेवात व हरियाणा की राजनीति का प्रभाव चुनाव में रहना तय है। इसी तरह रामगढ़ सीट पर भाजपा ने अपने फायर ब्रांड नेता ज्ञानदेव देव आहूजा के भतीजे जय आहूजा को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने अपने पुराने नेता जुबेर खान को टिकट देकर चुनाव को रोचक मुकाबला बना दिया है। वहीं भाजपा के बागी सुखवंत सिंह ने टिकट नहीं मिलने पर असपा का दामन थाम मुकाबले को सुर्खियों में ला दिया है।

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राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में दोनों प्रमुख दलों की चुनौती बढ़ी
वैसे तो कुछ सीटों को छोड़ ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में बागी नेताओं की समस्या से कांग्रेस व भाजपा जूझ रहे हैं, लेकिन इन सीटों पर कहीं कांग्रेस तो कहीं भाजपा के बागी चुनाव मैदान में हैं। वहीं जिले में राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट ऐसी है जहां कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दल बागियों की समस्याओं से बराबर जूझ रहे हैं। यहां कांग्रेस से विधायक जौहरीलाल मीणा तथा भाजपा से वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे विजय समर्थलाल मीणा टिकट नहीं मिलने पर बागी खड़े हो गए हैं। इस कारण इस सीट पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को एक साथ तीन मार्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट पर इस बार चुनाव परिणाम नजदीकी रहने के साथ ही चौंकाने वाला हो सकता है।

दो मंत्रियों की सीटों पर सबकी निगाहें
अलवर जिले में राज्य सरकार के दो केबिनेट मंत्री भी चुनाव मैदान में हैं, इस कारण पूरे जिले की निगाहें दोनों मंत्रियों की सीटों पर टिकी है। इनमें अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से केबिनेट मंत्री टीकाराम जूली तथा बानसूर से केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत कांग्रेस टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। हालांकि दोनों ही मंत्रियों का सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशियों से है, लेकिन बानसूर में पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा असपा के टिकट पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि बसपा के टिकट पर यहां मुकेश यादव भी मुकाबले को रोचक बनाने के प्रयास में हैं। इस सीट पर भी मुकाबला नजदीकी रहने के साथ चौंकाने वाला हो सकता है।

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अन्य दिग्गजों की सीटें भी चर्चा में
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के अन्य दिग्गज भी भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें बहरोड़ से भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ जसवंत यादव, थानागाजी से भाजपा टिकट पर पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाना शामिल हैं। वहीं अलवर शहर से भाजपा के संजय शर्मा व कांग्रेस के अजय अग्रवाल के बीच सीधा व रोचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं त्रिकोणीय संघर्ष में फंसी किशनगढ़बास, मुंडावर, कठूमर सीटों पर भी लोगों की नजर है।