
राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर बढ़ने लगा किसान आंदोलन का जोर, डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लगे टैंट, 26 को महापड़ाव
अलवर. केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून पारित किए जाने के विरोध में उतरे देश भर में किसान संगठनों द्वारा काले कानून करार देकर उन्हें वापस लेने की मांग पर अडिग होकर दिल्ली घेरने की तैयारी कर रहे किसान अब राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर तेजी से जुट रहे हैं। यहां आंदोलन का जोर बढ़ने लगा है।
शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान राजस्थान के कई हिस्सों से आए हैं। यहीं उनका खाना बन रहा है। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का छोटा स्वरूप इसे कहा जा सकता है। 26 तारीख को यहां महापड़ाव की भी तैयारी की गई है। किसानों की बढ़ती संख्या को लेकर या पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है।
डेढ़ किलोमीटर तक फैले हैं आंदोलनकारी
शाहजहांपुर बॉर्डर पर भी महापड़ाव स्थल पर आंदोलनकारी संगठनों के किसान के लगातार पहुंचने से करीब डेढ़ किलोमीटर तक हाइवे पर तंबू लगाए जा चुके हैं। कड़कड़ाती सर्दी में भी महापड़ाव स्थल पर लगातार आंदोलनकारियों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रशासन चिंतित है। अलवर जिला कलेक्टर नन्नू मल पहाड़िया रात महापड़ाव स्थल पहुंचे और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
अवलोकन के दौरान कलक्टर ने आंदोलनकारियों से स्वच्छता व्यवस्था मोबाइल शौचालय की सुचारू व्यवस्था का ख्याल रखने के निर्देश दिए महापड़ाव स्थल पर किसानों की मांग पर अस्थाई व्यवस्था जाने पर विद्युत निगम को प्रस्थान करवाई गई है।
Published on:
24 Dec 2020 08:22 am
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