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राजस्थान सरकारी स्कूलों का हाल: शिक्षकों ने अभी तक विद्यार्थियों को नहीं बांटी किताबें, प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन परीक्षाएं कराने जा रहे

प्रदेश में एक तरफ निजी स्कूलों ने ऑनलाइन परीक्षाएं कराने की तैयारी कर रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में अभी तक किताबें ही नहीं बांटी।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Oct 20, 2020

Rajasthan Many Government Schools Yet Not Distributed Books To Student

राजस्थान सरकारी स्कूलों का हाल: शिक्षकों ने अभी तक विद्यार्थियों को नहीं बांटी किताबें, प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन परीक्षाएं कराने जा रहे

अलवर. एक तरफ तो गैर सरकारी स्कूल ऑन लाइन पढ़ाई करवा कर अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं तक पहुंच गया है जबकि दूसरी और सरकारी स्कूलों में शिक्षक रोज स्कूल जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने स्कूल के क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थियों को पुस्तकें तक नहीं बंाटी है। बिना पुस्तकों के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी कैसे पढ़ रहे होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।


सरकारी स्कूल इस शिक्षा सत्र में नहीं खुलने से इनमें पढऩे वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। दूसरी और सरकारी स्कूलों में सभी विद्यार्थियों को अभी तक निशुल्क पुस्तकें तक नहीं बंट पाई हैं। इससे घर पर बैठकर ये बच्चे किसी की सहायता से भी नहीं पढ़ सकते हैं।

अलवर जिले में ऐसे सरकारी स्कूल हैं जिनके विद्यालय तक निशुल्क पुस्तकें तो पहुंच गई हैं लेकिन उन्हें अभी तक बांटी नहीं गई है। ऐसे सरकारी स्कूल अलवर जिले में 347 हैं। इन विद्यालयों की सूची मेंं ऐसे विद्यालय बानसूर में 57, बहरोड़ में 19, कठूमर में 51, कोटकासिम में 4, लक्ष्मणगढ़ में 37, मुंडावर में 32, रैणी में 12, राजगढ़ में 30, रामगढ़ में 20, थानागाजी में 45, तिजारा में 25 व उमरैण ब्लॉक में 40 हैं।

बानसूर के 18 स्कूलों में एक भी बच्चें को निशुल्क पुस्तकें वितरित नहीं की जबकि ऐसे स्कूल किशनगढ ़बास में एक, कोटकासिम में एक, मुंडावर में एक, रामगढ़ में 2, बहरोड़ में 4, राजगढ़ में 3, थानागाजी में 5 तथा उमरैण में 3 विद्यालय हैं।

रोज जा रहे स्कूल फिर भी यह हाल-

ये उन सरकारी स्कूलों की सूची हैं जिनके शिक्षक रोज स्कूल जाते हैं। वहां निर्धारित समय तक बैठकर अपनी ड्यूटी पूरी करते हैं लेकिन अपने यहां रखी किताबें यहीं रहने वाले बच्चों को घर तक नहीं पहुंचा सकते और ना ही उन्हें बुलाकर दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों के पास पढ़ाई करने का कोई साधन नहीं है।

अब करेंगे जांच, क्यों नहीं पहुंची किताबें-

इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अलवर जिले के कई सरकारी विद्यालयों में अभी तक किताबें नहीं पहुंचने की जांच की जाएगी। इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई है जिसका पता लगाया जाएगा। समसा के अतिरिक्त परियोजना समन्वयक चाणक्य लाल शर्मा का कहना है कि इस मामले में अभी रिपोर्ट जी जा रही है। सभी विद्यालयों में निशुल्क वितरित होने वाली पुस्तकें पहुंचा दी गई हैं।