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राजस्थान में यहां हर थाने में चल रहा भ्रष्टाचार का खोखा राज, चाय की थड़ी, पंचर की दुकानों पर चल रहा बड़ा खेल

खोखे, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानों के माध्यम से थानों में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। इस बारे में अधिकारियों को भी पता है, लेकिन वह जानबूझकर अंजान बने हुए हैं।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

May 04, 2022

Rajasthan Police Commission From Shops Outside Police Stations

राजस्थान में यहां हर थाने में चल रहा भ्रष्टाचार का खोखा राज, चाय की थड़ी, पंचर की दुकानों पर चल रहा बड़ा खेल

अलवर. जिले में शायद ही ऐसा कोई पुलिस थाना होगा। जिसके बाहर खोखे, चाय की थड़ी और पंचर की दुकान नहीं हो। भले ही पुलिस के आला अधिकारी इन खोखो के राज से अंजान बने हुए हों, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस थानों में बाहर लगे इन खोखो, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानों से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।

पत्रिका टीम ने शहर के कोतवाली, शिवाजी पार्क, एनईबी, अरावली विहार और सदर पांच पुलिस थानों के बाहर के हालातों पर नजर डाली। इन सभी पुलिस थानों के बाहर खोखे, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानें नजर आई। इन खोखे-थडि़यों को चलाने वाले लोगों की थानों में पूरी पैठ है। ये लोग बिना किसी काम के दिन में कई बार थानों में चक्कर काटते हैं। थानों के सिपाही से लेकर थानाधिकारियों तक के ये काफी खास बने हुए हैं और उनके पास दिन में कई बार आते-जाते हैं। थाने के कुछ पुलिसकर्मी भी इन खोखो, चाय की थड़ी और पंचर की दुकान पर बैठे रहते हैं। कई पुलिसकर्मी रिश्वत की राशि भी इन खोखो, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानों पर ही रखवाते हैं। इन खोखे, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानों के माध्यम से थानों में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। इस बारे में अधिकारियों को भी पता है, लेकिन वह जानबूझकर अंजान बने हुए हैं।

दिनभर कोतवाली में घूमता रहता है पंचरवाला

शहर कोतवाली थाने के सामने एक पंचर की दुकान है। ये पंचर की दुकान चलाने वाला व्यक्ति अक्सर कोतवाली थाने के भीतर घूमता नजर आता है। कभी एसएचओ के चैम्बर में तो कभी किसी अन्य पुलिसकर्मी के पास। वहीं, थाने के कई पुलिसकर्मी इसकी दुकान पर बैठे रहते हैं। थाने में आने वाले कई परिवादी भी इसके पास बैठकर बातचीत करते नजर आते हैं। आखिर इस पंचरवाले का थाने में क्या काम? यह जांच का विषय है।

अधिकारियों की 'गुड बुक' में थाना, खा रहे भ्रष्टाचार का मावा

अरावली विहार थाने में भ्रष्टाचार चरम पर है। स्पेशल टीम और कार्रवाई के नाम पर यहां भ्रष्टाचार का बड़ा खेल चल रहा है, लेकिन फिर भी अरावली विहार थाना उच्चाधिकारियों की 'गुड बुक' में शामिल है। थाने में एसएचओ समेत कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो कि कई सालों से यहां जमे हुए हैं। अरावली विहार थाने के बाहर दो खोखे लगे हैं। जहां से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। भवानी तोप चौराहा समीप पान की दुकान के माध्यम से भी थाने में बंधी आ रही है।

थाना परिसर में टीनशेड लगा रखा खोखा

सदर थाना पुलिस ने सभी सीमाओं को लांघते हुए थाना परिसर में ही खोखा लगवा दिया है। थाने की बिल्डिंग के बाहर परिसर में बड़ा टीनशेड लगाकर उसके नीचे खोखा रखा हुआ है। पुलिसकर्मी और थाने में आने वाले फरियादी यहां बैठे रहते हैं। थाने में चलने वाली हर गतिविधि की जानकारी इस खोखे वाले के पास होती है। यह खोखे वाला दिन में कई बार थाने के भीतर जाता है। पुलिस की बंधी और रिश्वत का भी यह अड्डा बना हुआ है।

एनईबी और शिवाजी पार्क भी अछूते नहीं

शहर के पुलिस थानों में चल रही खोखा-थड़ी प्रथा से एनईबी और शिवाजी पार्क थाना भी अछूता नहीं है। एनईबी पुलिस थाने के बाहर भी एक खोखा लगा हुआ है। जिसके माध्यम से थाने में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो रही हैं। वहीं, शिवाजी पार्क थाने से महज कुछ दूरी पर ही खोखा लगा हुआ है। यह खोखा भी शिवाजी पार्क थाने की भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त है। पुलिसकर्मी अपने रिश्वत और बंधी की राशि यहीं रखवाते हैं।

शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे

पुलिस थानों के बाहर खोखे, चाय की थड़ी और पंचर की दुकानों के माध्यम से भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो निश्चित रूप से जांच करा कार्रवाई की जाएगी।

- तेजस्वनी गौतम, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।