
ऑपरेशन पपला’ में ये सुपर कॉप रहे असली हीरो, स्पेशल 26 की इस टीम को घरवालों तक से नहीं करने दी थी बात
अलवर. मोस्ट वांटेड गैंगस्टर पपला गुर्जर को पकडऩे के लिए राजस्थान पुलिस की ओर चलाए गए ‘ऑपरेशन पपला’ में जयपुर रेंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में कुल 26 पुलिस अधिकारी, जवान और कमांडो शामिल थे, लेकिन इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने में अलवर और भिवाड़ी पुलिस जिले के 9 पुलिस अधिकारी और जवानों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। इनमें अलवर पुलिस जिले के अरावली विहार एसएचओ जहीर अब्बास, मुरारीलाल, इरशाद और साइबर सैल के संदीप तथा भिवाड़ी पुलिस जिले के सब इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़ व मुकेश कुमार, पुलिसकर्मी योगेश शर्मा, महेश सैनी व सुनील मीणा शामिल रहे। गैंगस्टर पपला गुर्जर भागने के लिए जब मकान की दूसरी मंजिल से पीछे की तरफ कूदा तो यह टीम पहले से वहीं तैनात थी। जैसे ही पपला नीचे कूदा इस टीम ने उसे दबोच लिया।
ऑपरेशन में कोई चूक न हो इसलिए 7 दिन पहले ही बंद करा दिए थे सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल
गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला को पकडऩा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। ऑपरेशन पपला में कोई चूक न हो, इसलिए सभी पुलिस कर्मियों के मोबाइल ऑपरेशन से सात दिन पहले ही बंद करा दिए गए। ऑपरेशन के दौरान राजस्थान पुलिस की सुपर-26 टीम ब्लूटूथ के जरिए आपस में जुड़ी रही।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस की सुपर-26 टीम ने पूरा होमवर्क करने के बाद 27 जनवरी की रात को ऑपरेशन पपला को अंजाम देने का प्लान तैयार किया। रात करीब दो बजे राजस्थान पुलिस की ये टीम कोल्हापुर के उस मकान के पास पहुंची जहां पपला अपनी महिला मित्र जिया के साथ फ्लैट में रह रहा था। एक सुनियोजित प्लान के तहत सभी पुलिस अधिकारी और जवानों ने अपनी-अपनी पॉजिशन लेते हुए उस मकान को चारों तरफ से घेर लिया था। सभी पुलिस अधिकारी और जवान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए आपस में जुड़े हुए।
एएसपी सिद्धांत शर्मा उन्हें ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से दिशा-निर्देश दे रहे थे तथा टीम के साथी भी अपनी पॉजिशन से मकान के अंदर दिखने वाली हर गतिविधि और हलचल की उच्चाधिकारियों को दे रहे थे। जिससे पूरी टीम को मकान के चारों तरफ की हर हलचल की तस्वीर साफ तौर पर पता चल रही थी। जैसे ही पपला पीछे की बालकनी से नीचे कूदा, उसे वहां खड़ी टीम ने दबोच लिया और ये ब्लूटूथ के जरिए ये मैसेज मिलते ही तुरंत ही पूरी टीम वहां पहुंच गई।
पुलिस टीम को घरवालों तक से नहीं करने दी बात
पपला काफी शातिर अपराधी है। यदि उसे इस ऑपरेशन के बारे में जरा भी भनक लग जाती तो वह वहां से फरार हो जाता। इस बात को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम के मोबाइल ऑपरेशन से 7 दिन पहले ही बंद करवा दिए गए तथा सभी के मोबाइल एक जगह रखवा दिए गए। टीम के सदस्यों को उनके घरवालों तक से बातचीत नहीं करने दी गई तथा उनके घरवालों को यह तक नहीं पता था कि वह कोल्हापुर में हैं।
Published on:
31 Jan 2021 06:21 pm
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