. चूहड़सिद्ध बाबा का मेला शनिवार को ग्राम पंचायत शाहपुर के पहाडों के मध्य भरा। मेले की खास बात यह कि इसमें हिन्दू और मुस्लिम के साथ सभी धर्माें के लोग अधिक संख्या में दिखाई दी। यहां स्थित मजार पर सभी जाति धर्म के लोगों ने पूजा अर्चना कर मन्नत मांगी। यह मेला केवल महाशिरात्रि के दिन ही भरता है। मेला देखने के लिए दूरदारज के श्रद्धालु की भीड़ रही। मेले में छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग भी देखे गए।
बाबा पीर की मजार पहाडों में होने के कारण श्रद्धालुओं को उंची सीढियां चढ़ने में परेशानी दिखाई दी।
सेवा करने वाले दीनो खादिम ने बताया कि प्रतिवर्ष यहां पर महाशिवरात्रि का मेला भरता है। जिसमें आस्था के साथ लोग यहां आते हैं। जिन भक्तों की मन्नत पूरी होती है वो यहां पर प्रसाद चढ़ाते हैं और धार्मिक आयोजन करवाते हैं।
इस तरह तैयार होता है भोग
मेले में चूहड़ सिद्ध बाबा को पके हुए चावलों का भोग लगाया गया। अधिकतर श्रद्धालुओं ने ही यहां पर ही चावल बनाए। भोग लगाने का यह रिवाज है कि भाेग जिस साम्रगी का लगाना है वो यहीं पर पकाया जाता है ।