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रकबर के बच्चे अब अलीगढ़ में पढ़ेंगे, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी की संस्था ने लिया गोद

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अलवर

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Hiren Joshi

Aug 25, 2018

Rakbar Khan's Children Will Study In Aligarh

रकबर के बच्चे अब अलीगढ़ में पढ़ेंगे, इस संस्था ने लिया गोद

अलवर. अलवर के रामगढ़ मेंगोतस्करी के शक में मारे गए रकबर उर्फ अकबर के बच्चे अब अलीगढ़ के स्कूल में पढ़ाई करेंगे। रकबर मेवात का रहने वाला था। उसका परिवार अभी मेवात के कॉल गांव में रहता है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र आमिर की संस्था स्टेटस फाउंडेशन ने अकबर के बच्चों को गोद लिया है। रकबर के सात बच्चे हैं, संस्था की तरफ से चार का दाखिला करा दिया गया है। रकबर के परिजनों ने बताया कि इस घटना के 3 दिन बाद अलीगढ़ से एक संस्थान की एक टीम कोलगांव आई थी। उस समय टीम ने परिजनों के सामने उनके बच्चों को अलीगढ़ में पढ़ाने का सुझाव रखा था। उनका सुझाव मानते हुए 18 अगस्त को रकबर के दो बेटे और दो बेटियों को अलीगढ़ भेज दिया गया है। संस्थान ने अपने खर्चे पर बच्चों को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी के ट्रस्ट द्वारा संचालित चाचा नेहरू स्कूल में बच्चों का एडमिशन करवाया है। स्कूल के हॉस्टल में ही बच्चे रहते हैं व पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों ने कहा कि बच्चे वहां पूरी तरीके से खुश हैं। परिजनों को उम्मीद है कि वहां उनका भविष्य अच्छा होगा।

राजस्थान हाई कोर्ट में विचाराधीन है मामला

20 जुलाई की रात अलवर के रामगढ़ में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया। गौ तस्कर के शक पर कुछ लोगों ने रकबर पर हमला कर दिया। उसके बाद पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पुलिस अभिरक्षा में हैं। यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

देश भर में हुई राजनीति

अलवर का यह मुद्दा देश भर में चर्चा का विषय बना रहा। सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस मुद्दे पर जमकर राजनीति की। पार्टियों के नेता बयानबाजी कर एक दूसरे पर आरोप लगाने में लगे रहे। करीब एक महीने तक यह मुद्दा छाया। तो वहीं इस पूरे मामले में अलवर की खासी बदनामी हुई।