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ऐसा महाविद्यालय जिसकी कभी वेबसाइट बंद तो कभी प्रिंट नहीं निकल रहा

ई-मित्र केन्द्रों और यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने को मजबूर छात्र अलवर मत्स्य यूनिवसिर्टी स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ कर रही है खिलवाड़

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क्षेत्र के कामकाज को लेकर सरकार की जबरदस्त किरकरी हो रही है। वही रही सही कसर मत्स्य विश्वविद्यालय की चरमराई व्यवस्था ने पूरी कर दी । सरकार विश्वविद्यालय प्रशासन के कामकाज को सुधारने में असहज सी लग रही है इधर मनमर्जी पर उतारू विश्वविद्यालय प्रशासन सरकार की फजिहत उतरवाने पर आमादा है। विद्यार्थी आंदोलन कर सरकार के खिलाफ नारे लगा माउथ पब्लिसिटी का काम कर रहे है ताकि हर किसी को लगे की सरकार नकारा हो चूकी है। बिगड़ते हालातों को सुधारने का प्रयास किसी भी स्तर पर नहीं है।जिसका खामियाजा सरकार को उठाना पड़ रहा है।

हालात ये है
अपना साल बचाने की जद्दो जहद में विद्यार्थी पुस्तकों में कम समय दे पा रहे है, ई-मित्र के चक्कर ज्यादा लगा रहे है। राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परीक्षा फार्म भरना जी का जंजाल बन गया है। इस वेबसाइट पर कभी प्रिंट नहीं निकलता तो कभी ब्लॉक हो जाती है। यही नहीं कभी फीस जमा नहीं होती और हो जाती है तो रसीद नहीं मिलती।
वेबसाइट पर आने वाली परेशानी के चलते युवाओं को विश्वविद्यालय और ई मित्रों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है । पहले से ही यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा फार्म भरवाने में देरी करने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। अब आवेदन करने के दौरान आ रही तकनीकी खामियों के कारण उनकी परेशानी को दोगुना होती जा रही है । किन्हीं कारणों से गत वर्ष परीक्षा में सम्मिलत न होने वाले परीक्षार्थियों के आवेदन का कोई ऑप्शन यूनिवर्सिटी की साइट पर नहीं है।

यह कहते हैं विद्यार्थी

बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा परवीना बानो और प्रियंका कुमारी ने बताया की वर्ष 2016 में उन्होने प्रथम वर्ष की परीक्षा दी थी और वर्ष 2017 में वो किसी कारणवश द्वितीय वर्ष का आवेदन नहीं कर सकी । अब द्वितीय वर्ष का आवेदन करना है और साइट पर कोई ऑप्शन नहीं है, जिसके कारण उनका आवेदन नहीं हो पा रहा है । यूनिवर्सिटी में जाकर सम्पर्क करने पर डाटा अपडेट करने की बात कह रहे हैं और बाद में आवेदन करने के लिए बोला गया है । 10 फरवरी आवेदन की अन्तिम तिथि है ऐसे में उन्हें आवेदन नहीं होने का डर सता रहा है।

विश्वविद्यालय की ओर से पुर्नमूल्यांकन में हुए परिणाम संशोधन को भी साइट पर अपडेट नहीं किया गया। जिसके कारण पुराना रिजल्ट ही आवेदन करते समय दिखाई दे रहा है और उतीर्ण हुए परीक्षार्थी भी फेल ही दिखाई दे रहे हैं। एमएससी फाइनल की छात्रा अर्चना जैन ने बताया कि गत वर्ष की मुख्य परीक्षा में उसका परिणाम अनुतीर्ण रहा लेकिन बाद में पुर्नमूल्यांकन आवेदन करने के बाद उसके परिणाम में संशोधन हुआ और तीन विषयों में वह उतीर्ण हो गई और बाकी दो विषयों में ड्यूज रही । अब परीक्षा आवेदन के दौरान आवेदन में पुराना रिजल्ट ही आ रहा है जिसके अनुसार उसे पांचों विषयों में परीक्षा देनी होगी ऐसे में वह अभी तक आवेदन नहीं कर पाई।
राजगढ़ कस्बे के धीरेन्द्र कश्यप ने बताया कि विधि ड्यू पेपर के लिए फार्म भरने की अंतिम तिथि तक साइट पर फार्म भरने में कई बार परेशानी आई इसी कारण अपने गत वर्ष के ड्यू पेपर भर नहीं पाया । अब दोगुने शुल्क के साथ फार्म भरने का कोई आप्शन ही शेष नहीं है। अब क्या करना है इसकी जानकारी भी सही उपलब्ध नही कराई जा रही है।