इस दौरान कीर्तन सुनने के लिए पांडाल भरा हुआ था। इस दौरान यहां बिजली की रंग बिरंगी रोशनी से सुंदर सजावट की गई है। कीर्तन सुनने के लिए समागम में दूर दूर से संगत पहुंची।
समागम में आने वाले सेवादारों के लिए लंगर की सेवा के लिए गुजरात से ऑटोमेटिक मशीन मंगवाई गई है। इसमें एक घंटे में सात सौ रोटियां बन रही है। इसके साथ ही आटा गूंथने, लोेई बनाने की भी मशीन आई हुई है। रोटी की सेवा करने में महिलाएं भी जूटी हुई है।
समागम स्थल पर मेले जैसा माहौल बना हुआ है। यहां संत मस्कीन के जीवन पर आधारित पुस्तकों की खूब बिक्री हो रही है। लंगर करने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। यहां पर बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें सजी हुई है। साथ ही सिख धर्म में पहने जाने वाले कृपाण, कडा आदि भी खूब बिक रहे हैं।