
- सरिस्का प्रशासन का सर्वे पूरा, 35 परिवार अभी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं
- 6 गांवों के 277 परिवारों में 78 पहले शिफ्ट हो चुके
- पर्यावरण एनओसी का खाका प्रदूषण विभाग को भेजा
Alwar News : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरिस्का टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने जंगल में बसे गांवों का पुनर्वास करने का फैसला कर लिया है। नवरात्र में गृह प्रवेश होगा। अधिकारियों के अनुसार 164 परिवार तिजारा में बसने को तैयार हो गए हैं। असहमति जताने वाले शेष परिवारों को भी मनाने की तैयारी की जा रही है। सरिस्का प्रशासन का कहना है कि नाथूसर गांव नवरात्र में खाली हो जाएगा। यहां के अधिकतर परिवार तिजारा शिफ्ट हो जाएंगे।
इस तरह कराया गया सर्वे
सरिस्का के जंगल में 6 गांव हैं। इनमें कांकवाड़ी, हरिपुरा, सुखोला, नाथूसर, लोज व क्रास्का शामिल हैं। इन गांवों में 277 परिवार निवास करते हैं। पूर्व में सरिस्का प्रशासन ने 78 परिवारों को विस्थापित कर दिया। बाकी 164 परिवारों को नवरात्र में तिजारा शिफ्ट किया जाएगा। 35 परिवार अभी जाने को तैयार नहीं हैं। यह लोग जमीन से अपना जुड़ाव मान रहे हैं। बुजुर्ग लोग ज्यादा अपने को प्रभावित समझते हैं। लोगों को सरिस्का प्रशासन समझा रहा है। उम्मीद है कि इसी माह में यह परिवार भी मान जाएंगे। विभाग का मानना है कि जब बड़ी संख्या में परिवार तिजारा शिफ्ट होंगे तो यहां से अन्य लोग भी अपने आप जाने की इच्छा जाहिर करेंगे।
इस तरह मिलेगी पर्यावरण एनओसी
तिजारा में 700 हेक्टेयर जमीन इन गांवों के लिए आरक्षित की गई है। वहां कुछ परिवारों को बसाया जा चुका है। इस जमीन के लिए पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेनी है। इसके लिए सरिस्का प्रशासन ने प्रदूषण विभाग को प्रारूप भेज दिया है। दो से चार दिन में यह भरकर पर्यावरण मंत्रालय जाएगा और वहां से एनओसी मिल जाएगी।
सरिस्का के गांवों में रहने वाले 164 परिवार तिजारा शिफ्ट होने के लिए तैयार हो गए हैं। 35 परिवारों ने असहमति जाहिर की है। इन्हें समझाया जा रहा है। नवरात्र में नाथूसर गांव के परिवारों को शिफ्ट करने की तैयारी है। ग्रामीणों को तिजारा में सभी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।
- संग्राम सिंह कटियार, क्षेत्र निदेशक, सरिस्का टाइगर रिजर्व
Published on:
23 Sept 2024 11:47 am
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