अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना के सीमांकन के फेर में जिले का विकास, पर्यटन एवं रोजगार उलझकर रह गया है, 14 साल के लंबे इंतजार के बाद सरिस्का की सीमाओं का सीमांकन नहीं हो पाने से वनकर्मियों एवं ग्रामीणों के बीच रोजमर्रा के होने वाले विवाद नहीं थम पा रहे हैं और न ही सरिस्का के आसपास मार्बल व अन्य खनिज भंडार का दोहन नहीं होने का क्षेत्रीय लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।