अलवर. पहाड़, मिट्टी, उद्योग व व्यापार अब तक सरकार की तिजोरी भरते रहे हैं, लेकिन अब वन क्षेत्र की हवा, पानी, हरियाली, पर्यावरण, वन्यजीव आदि भी सरकार को मोटी रकम दिलवाने का जरिया बनेंगे। सरिस्का बाघ परियोजना देश का पांचवां टाइगर रिजर्व है, जहां अब हवा, पानी, हरियाली, पर्यावरण, वन्यजीव एवं अन्य चीजों का मूल्य आंक बजट जारी किया जाएगा। दिल्ली की संस्था दा एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी) की ओर से सरिस्का में रिसर्च शुरू किया गया है, यह दो साल चलेगा।