
ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच सरिस्का में सफारी चल रही फुल
अलवर. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने अलवर जिले में दस्तक दे दी है, ऐसे में सरिस्का बाघ परियोजना में इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वहीं नए साल का जश्न मनाने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग अलवर पहुंच रहे हैं। इन दिनों जिले के ज्यादातर होटल फुल हो चुके हैं, वहीं सरिस्का में सुबह व शाम को सफारी फुल चल रही है।
ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली एवं हरियाणा सरकार ने पाबंदी लगाते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इस कारण नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग दिल्ली व हरियाणा के बजाय अलवर जिले में आ रहे हैं। कारण है कि राजस्थान में अभी कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।
एनसीआर का हिस्सा होने के कारण दिल्ली व जयपुर से लोगों का अलवर आना-जाना रहता है। अलवर जिला अरावली से घिरा है। यहां पहाड़, झील व जंगल का आनंद लेने के लिए साल भर पर्यटक यहां आते रहते हैं। नए साल के मौके पर यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
नए साल पर ज्यादातर होटल फुल
अलवर में ढाई सौ से अधिक होटल, फोर्ट व रिसॉर्ट है, नए साल के मौके पर ये सभी फुल है। छोटे- बड़े होटलों में कमरे रूम खाली नहीं है।
पर्यटक भी खूब आ रहे
नए साल के मौके पर सरिस्का व सिलीसेढ़ पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। क्रिसमस पर दो- तीन दिन सुबह व शाम के समय सफारी फुल रही। उन दिनों सुबह व शाम के समय 50- 50 जिप्सी व 15- 15 कैंटरों को प्रवेश दिया गया। प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा लोग सरिस्का में सफारी के लिए जा रहे हैं। इन दिनों सुबह व शाम को 50- 50 जिप्सी व सुबह व शाम को 10 से 12 कैंटरों को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके अलावा बाला किला, अजबगढ़ भानगढ़, सिलीसेढ़ झील सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
नए साल पर सरिस्का में एडवांस बुकिंग
सरिस्का में नए साल पर चार दिन सफारी की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। सरिस्का के डीएफओ सुदर्शन शर्मा ने बताया कि नए साल पर 30 व 31 दिसम्बर तथा 1 व 2 जनवरी को सभी जिप्सी व कैंटरों की ऑनलाइन एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
Published on:
30 Dec 2021 12:00 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
