
सरिस्का का टाइगर एसटी- 24 जमवारामगढ़ में सुरक्षित, कैमरे ट्रैप में दिखा
अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना का युवा मेल टाइगर एसटी-24 रामगढ़ वन्यजीव क्षेत्र के जमवा रामगढ़ जंगल में सुरक्षित है। बाघ जमवारामगढ़ जंगल के कैमरा ट्रैप में सुरक्षित दिखाई दिया है। इससे पूर्व वनकर्मियों काे बाघ के पगमार्क मिल रहे थे।
सरिस्का बाघ परियोजना का बाघ एसटी-24 के जमवरामगढ़ के जंगल में होने की पुष्टि गत 26 अगस्त को हुई थी। तभी से यह बाघ जमवारामगढ़ के जंगल में घूम रहा है। इससे पहले यह बाघ सरिस्का के अजबगढ़ रेंज में विचरण कर रहा था। जमवा रामगढ़ जंगल अजबगढ़ रेंज से सटा होने के कारण यह बाघ वहां पहुंच गया। तभी से सरिस्का बाघ परियोजना के वनकर्मी तथा जमवारामगढ़ रेंज के वनकर्मी बाघ की तलाश में जुटे हैं।
करीब ढाई साल का है बाघ एसटी-24
बाघ एसटी-24 की उम्र सवा दो साल से ढाई साल है। यह सरिस्का की बाघिन एसटी-12 की संतान है। बाघिन ने एक साथ तीन शावकों को जन्म दिया था, ये तीनों ही मेल टाइगर पिछले फरवरी- मार्च से अजबगढ़ रेंज में घूमकर टैरिटरी की तलाश कर रहे थे। घूमने के दौरान ही बाघ एसटी-24 जमवा रामगढ़ के जंगल में पहुंच गया।
करीब 24 दिन बाद दिखा कैमरा ट्रैप में
बाघ एसटी-24 के जमवारामगढ़ जंगल में होने की पुष्टि गत 26 अगस्त को हुई थी। इस कारण यह बाघ 24 दिनों तक वहीं जंगल में घूमता रहा, लेकिन किसी को दिखाई नहीं दिया। अब यह बाघ 20 सितम्बर को जमवारामगढ़ के जंगल में कैमरा ट्रैप में सुरक्षित दिखाई दिया है।
बाघ एसटी-24 कैमरा ट्रैप में दिखा
बाघ एसटी-24 जमवरामगढ़ के जंगल में कैमरा ट्रैप में सुरक्षित दिखाई दिया है। यह बाघ जमवारामगढ़ के जंगल में पहली बार दिखा है।
डीपी जागावत
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना
Published on:
20 Sept 2022 11:57 pm
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