सरिस्का में 2005 से पूर्व बाघ राणा सांगा का था राज, चोट के निशान से पड़ा यह नाम, दहाड़ सुनकर घबरा जाते थे वन्यजीव

सरिस्का अभयारण्य के वर्ष 2005 में विघिन घोषित होने से पूर्व वृद्ध बाघ (राणा सांगा) का कई इलाकों में एक तरफा राज कायम रहा। इस बाघ की दहाड़ में इतना दम होता था कि उसकी दहाड़ सुन इलाके में अन्य कोई वन्यजीव घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।

By: Lubhavan

Updated: 15 Mar 2021, 01:50 PM IST

अलवर. सरिस्का अभयारण्य में लंबे समय तक राज करने वाले बाघ (राणा सागा) के इलाके में इन दिनों दो युवा एवं एक उम्रदराज बाघ का बसेरा है।
सरिस्का अभयारण्य के वर्ष 2005 में विघिन घोषित होने से पूर्व वृद्ध बाघ (राणा सांगा) का कई इलाकों में एक तरफा राज कायम रहा। इस बाघ की दहाड़ में इतना दम होता था कि उसकी दहाड़ सुन इलाके में अन्य कोई वन्यजीव घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। इस कारण इस बाघ का नाम वन्यजीव प्रेमियों ने राणा सांगा रख दिया। वर्ष 2003- 04 में बाघ राणा सांगा की मौत हो गई। बाद में उसके इलाके में अन्य वन्यजीवों का विचरण शुरू हुआ। इस इलाके में वर्तमान में युवा बाघ एसटी- 15 व एसटी- 21 एवं एक उम्रदराज बाघ एसटी- 6 ने राज कायम कर रखा है। वही बाघिन एसटी 2, 3 व 9 ने भी इसी इलाके में बसेरा बनाया हुआ है।

संघर्ष में हुए कई घाव और खोई एक आंख

सरिस्का अभयारण्य में बाघों का सफाया होने से पूर्व बाघों में इलाके को लेकर आपस में संघर्ष चलता रहा। इलाके संघर्ष में ही उम्रदराज बाघ की एक आंख खराब हो गई। वहीं शरीर पर कई चोटों के निशान हो गए इसके बाद इस बाघ का नाम राणा सांगा पड गया और वनकर्मी उसे राणा सांगा के नाम से पुकारने लगे इन इलाकों में था राज बाघ राणा सांगा का घाणका, उदयनाथ, नयापानी, ब्रहमनाथ, आलगवाला, क्रासका, तारूडा आदि इलाकों में राज था; इस बाघ ने अपना साम्राज्य बढाने के लिए हर बार अन्य बाघों से संघर्ष किया और उन्हें वहां से अन्य इलाकों में जाने को मजबूर किया;

खतरों का खिलाडी है एसटी 6

इन दिनों सरिस्का अभ्यारण्य इलाके में वृ़़द्ध एसटी 6 को खतरों का खिलाडी कहा जाए तो बडी बात नहीं है इस वृ़़द्ध बाघ का कई बार अन्य बाघों से संघर्ष हुआ और वह बार बचकर आ गया इन दिनों यह बाघ एनक्लोजर में है बताया जाता है कि इस बाघ के संघर्ष दौरान चोटे आ गई इसके बाद से उसके उपचार के लिए इसे एनक्लोजर में रखा गया हैयुवाओं बाघों से हो सकता है आमना-सामना बाघों में इलाके को लेकर संघर्ष होना आमबात है; हर बाघ अपने इलाके में अन्य बाघों की दखलदांजी पसंद नहीं करते है ऐसे में वृ़़द्ध बाघ एसटी 6 की युवा बाघों से आमना सामना हो सकता है और युवा बाघ उसे उसके इलाके को छोडने पर विवश कर सकते है

Lubhavan Desk
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